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चीन का 21 टन का राकेट का हिस्सा वापस आ रहा धरती की ओर

 

अंतरिक्ष में अपना स्पेस स्टेशन बनाने के लिए चीन तीन मॉड्यूल लॉन्च करने पर काम कर रहा है। जिसमें से कोर मॉड्यूल पहले ही लॉन्च हो गया है। जबकि पहला लैब मॉड्यूल अब लॉन्च हुआ है। इसके बाद दूसरा लैब मॉड्यूल लॉन्च होगा। पहले मॉड्यूल के लॉन्च के बाद ही मॉड्यूल से अलग होने के बाद 21 टन के रॉकेट नीचे धरती की ओर गिर रहा है और संभावना है कि यह वापस पृथ्वी पर गिर सकता है।

स्पेस में अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की कोशिश में लगे चीन ने हाल ही में लैब मॉड्यूल वेंटियन लॉन्च किया। इसे चीन ने लॉन्ग मार्च 5बी रॉकेट के जरिए लॉन्च किया है। हैरानी की बात यह है कि इसका एक हिस्सा वापस धरती पर गिरेगा और वो धरती की तरफ तेजी बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने इस पर से अपना कंट्रोल खो दिया है। धरती पर यह कहां गिरेगा इसकी जानकारी चीन को भी नहीं है।

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अपनी एक रिपोर्ट में स्पेस डॉट कॉम ने बताया है कि वैसे तो धरती पर गिरने वाले अंतरिक्ष के मलबे से लोगों के हताहत होने का ज्यादा खतरा नहीं होता है लेकिन, चीन का लॉन्ग मार्च 5बी रॉकेट बड़ा है, जो मुसीबत खड़ी कर सकता है। फिलहाल अभी इसका कोई पता नहीं है कि यह कब और कहां गिरेगा। अगर यह धरती पर गिरेगा तो जहां गिरेगा वहां काफी नुकसान की संभावना है।

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यह तीसरी बार है कि जब चीन ने लॉन्च हुए रॉकेट के हिस्से को धरती पर गिराने का फैसला किया है। साल 2020 और 2021 वो पहले भी ऐसा कर चुका है। हालांकि चीन ऐसा करने वालों में अकेला देश नहीं है, कई और देश भी ऐसा ही करते हैं। फिलहाल धरती की तरफ आ रहे चीनी रॉकेट के इस हिस्से का वजन 21 टन है। अब देखना है कि क्या होगा।

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चीन स्पेस में अपना स्टेशन बनाने पर काम कर रहा है। अगर चीन इसमें कामयाब होता है तो ये उसके लिए बड़ी कामयाबी होगी। इससे दुनिया में उसका दबदबा भी बढ़ेगा। अब तक दुनिया में सिर्फ एक स्पेस स्टेशन है। जिसे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन कहते हैं। जिसे अमेरिका और रूस ने मिलकर बनाया है। इसका इस्तेमाल रूस, अमेरिका, जापान और यूरोपीय देश भी करते हैं। इस स्पेस स्टेशन की अवधि साल 2024 में खत्म हो रही है।

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