“बदलते परिवेश मे नेपाल–भारत संबंध” बिषयक अंतरक्रिया संपन्न

जनकपुरधाम । नेपाल–भारत खुला सीमा संवाद समूह ने ‘बदलते परिवेश मे नेपाल–भारत संबंध’ विषय मे अंतरक्रिया कार्यक्रम संपन्न किया है ।
मधेश प्रदेश के राजधानी जनकपुरधाम मे संवाद समूह द्वारा शनिबार आयोजना किया गया अंतरक्रिया कार्यक्रम मे नेपाल और भारत सम्बन्ध का जानकार कुशेश्वर झा ने अपना विचार रखें थे । उहोंने राजा महेन्द्र का पाला से ही नेपाल मे भारत विरोधी गतिविधि सुरु होने लगा बताएं ।
इसी तरह जनकपुरधाम के मेयर उमीदवार रह चुकी तमलोपा के नेतृ विभा ठाकुर ने खुद वि.सं. २०४४ साल मे विवाह करके नेपाल जब आये थे तब नागरिकता लेने के लिए कठिनाइ नही था बतायी । अभि हो रही जालझेल पर उहोंने आपति जतायें ।
कार्यक्रम मे नेपाल–भारत खुला सीमा सम्वाद समुह का केंद्रीय अध्यक्ष राजीव झा ने खुला सीमा के आयाम, समस्या, आर्थिक पक्ष, असर औ मांगे समेट कर संबंध सुधार के लिए एक कार्यपत्र प्रस्तुत किया था ।
अध्क्ष झा ने बताया, ‘इससे पहले नेपाल मे सिर्फ भारत की इंटरेष्ट था और दो देश के सम्बन्ध प्रगाढ था । अब चीन सहित के देशों ने नेपाल मे हस्तक्षेप कर दो देशों के संबंध बिगार्ना सुरु कर रहा है ।’
चीन के इंटरेष्ट बढ्ते ही अन्य देशों का भी हस्तक्षेप से मुख्य असर नेपाल भारत का पौराणिक और रिस्तेदारी का संबंध मे भि प्रभाव पडा है ।
कार्यक्रम मे लोसपा नेतृ सुरिता साह, नेता जानकी राम साह, जनकपुरधाम उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष जितेन्द्र महासेठ, जिसस धनुषा के प्रमुख, जउनपा वडा नं. ३ का वडा अध्यक्ष दिपेन्द्र कुमार साह, कमला बचाउ अभियान का प्रमुख सहित भारत सितामढी मे गठन हुवा नेपाल भारत खुल्ला सिमा संवाद समुहका अध्यक्ष रोहित झा सहित का सहभागिता था ।


