नागरिकता विधेयक फिर से जैसा को तैसा ही सांसदों द्वारा पास किया गया
काठमांडू – १८ अगस्त राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी द्वारा वापस हुए नागरिकता विधेयक फिर से जैसा को तैसा ही सांसदों द्वारा प्रतिनिधि सभा में पास कर दिया गया है । उपस्थित १९५ सांसदों में से नागरिकता विधेयक जैसा को तैसा के पक्ष में१३५ मत और विपक्ष में ६० मत पर। सभामुख ने विधेयक बहुमत से पारित होने की घोषणा कर दी।
इसी विषयमें कार्य व्यवस्था सलाहकार समिति में चर्चा की गई थी । प्रतिनिधि सभा के कार्य व्यवस्था समिति में नागरिकता विधेयक को कैसे आगे बढ़ाना है इस बात को लेकर संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले दल के प्रतिनिधि अपनी बातों को रखा ।
सभामुख अग्निप्रसाद सापकोटा द्वारा बुलाए गए प्रतिनिधि सभा कार्यव्यवस्था की बैठक में प्रमुख प्रतिपक्षी एमाले ने नागरिकता विधेयक में सभी राजनीतिक दलों के बीच सहमती होने का प्रस्ताव रखा है ।
एमाले के प्रमुख सचेतक विशाल भट्टराई ने सुझाव देते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्वारा लौटाए गए नागरिकता विधेयक पर सहमत होना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए ।
सरकार का नेतृत्व कर रही कांग्रेस की मुख्य सचेतक चित्रलेखा यादव ने कहा कि नागरिकता विधेयक को पारित करने में वैसे ही बहुत देर हो गई है अब और देरी नहीं करनी चाहिए । सरकार में रहे माओवादी केन्द्र की राय है कि आम सहमति की संभावना को खुला रखते हुए नागरिकता विधेयक को आगे बढ़ाया जाना चाहिए । उन्होंने कहा – सहमति और समझदारी का दरवाजा खुला रखते हुए नागरिकता विधेयक को लेकर आगे बढ़े ।
जनता समाजवादी पार्टी और लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधियों ने कहा कि नागरिकता विधेयक को यथावत प्रतिनिधि सभा में गुरुवार की बैठक द्वारा पारित किया जाना चाहिए । जसपा के प्रमुख सचेतक प्रमोद साह ने कहा कि –पुनर्विचार के लिए राष्ट्रपति ने वापस भेजा है जिसका मकसद नागरिकता विधेयक को रोक देना है । तत्कालिन केपी शर्मा ओली सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश और नागरिकता विधेयक के प्रावधान समान हैं लेकिन राष्ट्रपति ने अध्यादेश को नहीं रोका और नागरिकता विधेयक को रोक दिया । राष्ट्रपति ने पार्टी का लाइन लिया है इसे जैसे का तैसा ही पारित कर दें ।
लोसपा के प्रमुख सचेतक उमाशंकर अरगरिया तथा एकीकृत समाजवादी के प्रतिनिधियों ने भी कहा कि नागरिकता विधेयक को तुरंत पारित करके प्रमाणीकरण के लिए राष्ट्रपति के पास भेज देनी चाहिए ।
नागरिकता विधेयक को पारित करने का कार्यसूचि, जिसे राष्ट्रपति भंडारी द्वारा पुनर्विचार के लिए प्रतिनिधि सभा में वापस भेजा गया था आज के लिए ही निर्धारित किया गया है । सदन की प्रतिनिधि सभा की आज की बैठक में राष्ट्रपति के संदेश के साथ लौटाए गए विधेयक को पारित कराने के लिए गृहमंत्री बालकृष्ण खान का प्रस्तावित एजेंडा बुधवार को ही सार्वजनिक कर दिया गया है । प्रतिनिधि सभा और राष्ट्रिय सभा के द्वारा विधेयक पारित होने के बाद राष्ट्रपति को इसे प्रमाणित करना होगा ।![]()


