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विदेशी शक्तियो की बॉर्डर पर बुरी नजर, तार बाड़ लगाने का माहौल बनाया जा रहा है

सीमा समस्या पर आयोजित हुई गोष्ठी-जुटे सीमा क्षेत्र के विभिन्न संस्था के प्रतिनिधि व प्रबुद्धजन-नेपाल भारत मे एक मुद्रा ,एक पासपोर्ट लागू करने की मांग,सीमा क्षेत्र मामले के समाधान के अध्ययन हेतु कमिटी गठित करने की मांग

रक्सौल।भारत -नेपाल रिश्ते की मजबूती व सीमाई क्षेत्र के लोगों की जनसमस्याओं के निराकरण की प्रभावी पहल के मुद्दे को ले कर सीमा क्षेत्र के विभिन्न समूहों व प्रबुद्धजनों की एक गोष्ठी शहर के बैंक रोड स्थित एक आवासीय परिसर में शनिवार को आयोजित हुई।जिसमे रक्सौल -वीरगंज बॉर्डर समेत खुली सीमा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न जन समस्याओं व पहलुओं पर चर्चा हुआ।”नेपाल-भारत खुला सीमा संवाद समूह (नेपाल)” के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव झा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दोनो देशों के प्राचीन ऐतिहासिक व अनूठे रिश्ते पर पाक, चीन जैसी तीसरी शक्तियों की बुरी नजर है।ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि रिश्ते दरक जाएं और बॉर्डर पर तार-बाड़ लग जाए।जिसको ले कर सतर्क रहने की जरूरत है।उन्होंने जोर दिया कि सीमा क्षेत्रवासियों की समस्याओं के अध्ययन के लिए एक कमिटी गठित होनी चाहिए। जनस्तर रिश्ते की मजबूती व बेहतरी के लिए समय समय बैठक जरूरी है।सीमा समन्वय समिति की बैठक के एक हिस्से के रूप में सीमाई जन प्रतिनिधियों,व्यापारियों, समाजिक कार्यकर्ताओं व प्रबुद्धजनों का आपसी संवाद व परिचर्चा जरूरी है।वहीं, समूह के सलाहकार व नेपाल सरकार के गृह मंत्रालय के पूर्व सँयुक्त सचिव कुशेश्वर झा ने कहा कि सीमा क्षेत्र के दोनों ओर की सीमाई जनता के रिश्ते सरहद के लिए ‘बिना वर्दी के सिपाही’की तरह है।काठमांडू-दिल्ली को इनकी बात सुननी-समझनी चाहिए,उसी अनुरूप नीति -योजना बनाई जानी चाहिए,ताकि, जीवन स्तर में वृद्धि हो।
वहीं,सीमा जागरण मंच के स्टेट कॉर्डिनेटर महेश अग्रवाल ने कहा कि यूरोपियन यूनियन देशों की तर्ज पर भारत नेपाल की एक करेंसी व एक पासपोर्ट सिस्टम की व्यवस्था होनी चाहिए।नागरिकता के नाम पर होने वाले भेद-भाव परेशानी को मिटाने के लिए साझा संकल्प के तहत ड्यूएल सिटीजन शिप लागू होनी चाहिए।ताकि,एक दूसरे देश मे व्यापार,आवाजाही बेधड़क हो।
मीडिया फ़ॉर बॉर्डर हार्मोनी के केंद्रीय अध्यक्ष प्रो0 उमा शंकर प्रसाद व सचिव दीपक कुमार ने कहा कि सीमा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए स्थलगत अध्ययन कर विशेष नीति बनाई जानी चाहिए,क्योंकि,बिहार से लगी सीमा क्षेत्र पिछड़ेपन व उपेक्षा की शिकार है।
रक्सौल चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि सीमा क्षेत्र मे इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के साथ कम्युनिकेशन व ट्रांसपोर्टेशन की बेहतर व्यवस्था का आभाव खटकती है।जगह जगह सुरक्षा जांच के नाम पर वीरगंज-रक्सौल जाने आने वाले ग्राहक बेवजह प्रताड़ित होते हैं,जिससे रक्सौल का व्यापार दिनों दिन गिर रहा है।व्यापारियों की समस्याओं पर ध्यान नही दिया जाता।
स्वच्छ रक्सौल संस्था के सचिव डॉ मुराद आलम ने कहा कि सीमा क्षेत्र नशे के जाल में है,युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है।बेरोजगारी बड़ी समस्या है।युवाओं का भटकाव व राष्ट्रविरोधी ताक़तों की सक्रियता विपरीत हालात पैदा कर रही है,जो चिंतनीय है।लेकिन, इससे बड़ा सच यह है कि तस्करी के संगठित धंधा से मुठी भर भ्रष्ट अधिकारियों, राजनीतिज्ञों व सफेदपोशों को आर्थिक लाभ व सीधा फायदा होता है।बदनामी बॉर्डर की होती है।

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