कहाँ है मेराज र्साईं का परिवार
विद्यार्थी कपिल द्विवेदी और लीलाधर भट्ट का अपहरण और हत्या मामले में मुख्य दोषी आदर्श उर्फमेराज र्साईं को बाँके जिला अदालत ने २ साल पहले ७८ वर्षकैद सजा सुनाया था। घटना में संलग्न करि ब २ दर्जन आरोपियों में कुछ अभी तक फरार हैं। घटना में संलग्नता के आर ोप के कारण फरार मानवअधिकारकर्मी सी.पी.सिंह उर्फचन्द्रेश्वर प्रसाद सिंहको अदालत ने सफाई दी है। लेकिन घटना के बाद मेराज र्साईं के परिवार की स्थिति क्या हैं – उसका परिवार कहाँ है – उनके साथ क्या हो रहा है – जैसे प्रश्न आम जनता के मन में आते रहे और हिमालिनी ने योजना बनाई पारिवारिक अवस्थाको र्सार्वजनिक करने की। इन्द्रपुर गाँव से उत्तर की ओर बाहर सूनसान करिब १ कट्ठा जमीन पर ६ कमरे का दो मंजिला भवन, विल्कुल खण्डहर की तरह।
पास से ही गुजरती है- मानपुर जोडने वाली सडक, घर म ंे आग े स े दा े पव्र शे द्वार, लम्ब े समय स े ताला बन्द हाने े क े कारण ताला ंे पर भी जगं लग गर्इ ह।ै ५ भार्इ म ंे साझिल था- आदशर् उर्फ मरे ाज सार्इर्,ं उसकी पत्नी आरै एक २ वर्षकी बच्ची भी थी, जब यह घटना हर्ुइ। घटना के बाद मेराज के पिता और माँ सहित परू ा परिवार विस्थापित हाके र भारत म ंे रह रहा ह।ै मरे ाज क े अन्य भार्इ पहल े स े सीमावतर्ी क्षत्रे ा ंे म ंे हाने वे ाल े अपराध म ंे सम्मिलित हाने े क े कारण उनपर पुलिस नजर बनी रहती थी, लिहाजा सुर क्षा क े लिए व े भारतीय क्षत्रे म ंे रहत े थ।े जिला कारागार बाँके के अन्दर से ही आपराधिक क्रियाकलाप की योजना बनाने की बात जब मीडिया ने बाहर की तो मेर ाज र्साईंको पुलिस ने कडी सुरक्षा के साथ पाल्पा जिला कारागार में भेज दिया। मेराज के दूसरे भाई रेंगउ उर्फरिजवान र्साईंको भार तीय पुलिस ने अलग मामले में बहराइच जेल भेज दिया है।
नेपालगन्ज-१० निवासी मुन्नु उर्फमोहम्मद आमिर अन्सारी अपहरण घटना का प्रतिवादी तथा मेराज का बडÞा भाई निजामुद्दीन मल्ु ला सार्इर् ं फरार बताया गया ह ै ले िकन वह भारतीय सीमावर्ती बाजार र्रूपईडिÞहा स्थित र ञ्जितवा गावँ म ंे रहकर विभिन्न अपराध का े अंजाम देता रहता है। मेराज अपने मातापिता पत्नी आरै बच्ची क े साथ इन्दप्र रु स्थित घर म ंे रहता था। आचरण सही न होने के कारण २० वर्षपहले भारत बहर्राईच जिला नबाबगंज स् िथत मनवरिया गाँव से पूरा परिवार भगा दिया गया था। स्थानीय लागे ा ंे न े बताया- जमीन ली, घर बनाया, गावँ क े जिमिदारा ंे की जमीन अधिया पर लिया लेकिन आचरण नहीं सुधरा। पूरा परिवार ही आपराधिक पव्र ृ ित्त का था। जिस कारण गावँ क े लागे ा ंे से उस परिवार की बोलचाल भी नहीं थी। एक ब्यक्ति ने बताया कि जबतक मरे ाज का परिवार गावँ म ंे था, काइे भी अमन चैन से नहीं सो पाया। मेराज की घटना के बाद पूरा परिवार विस्थापित होकर र्रूपईडिÞहा रञ्जितवा गाँव मे रहता है।
सामने से दरवाजे बन्द मिले लेकिन पीछेका दरवाजा खुला मिला। पीछे से घर के अन्दर साफ-सफाई भी नजर आई, तुरन्त की जली हर्ुइ लकडियाँ, और जूते के ताजा निशान मिलने के कारण घर में किसी के र हने की संदिग्ध अवस्था भी नजर आई। घर में चोरी न हो इस के लिए घर को चारों तरफ से विद्युत तार से घेरा हुआ है। घर में कोइ ब्यक्ति तो नहीं मिला लेकिन र ात में किसी के रहने की जानकारी स्थानीय एक कम्पनी के सुरक्षा गार्ड ने दी। गार्ड ने बताया कि रात में बत्ती भी जलती है और तारों मे करेन्ट प्रवाह रहता है। किसी के आने जाने की बात को अस्वीकार करते हुए उसने बताया कि कभी-कभी घर के भीतर रात में

