षडयंत्रों के बाबजूद रानी और अभिराम की जीत
जलेश्वर, 24 नवंबर। महोत्तरी क्षेत्र नंबर ३ (1) से अभिराम शर्मा तथा (2) से रानी शर्मा का दूसरी बार जनता के द्वारा अपना नेता चुना जाना इस क्षेत्र दुबारा न जितने वाली पुराने परंपरा को तोड़ता हुआ नजर आता है। और किए गए विकास के कार्य को सम्मानित करने का परंपरा भी स्थापित करता है। क्षेत्र भ्रमण के क्रम में देखा गया कि, आम नागरिकों के मन में इन दोनों नेताओं के द्वारा किया गया काम अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। गांव के हर गली, डगर, मंदिर, मस्जिद, चौराहा और स्कूलों में इन दोनों नेताओं के योगदान अंधों को भी महसूस हो रहा है।
फिरभी कुछ विशेष मनसाय से पीड़ित लोग पिछले दो वर्षों से अभिराम हराओ और रानी भगाओ अभियान चला रहे है। आम नागरिकों में विद्वेष उत्पन्न कर रहे हैं। ए लोग हीन मानसिकता से ग्रसित हो अपनी लेखनी का भरपूर दुरुपयोग कर रहे थे। हर बात को उल्टा ही प्रस्तुत किया जा रहा था। लेकिन महोदय, काम के आगे वाम का मूल्य नहीं होता है। मै अपने मित्रों को भ्रमण कराते वक्त कहता था, ” कि जिस गली से हम जा रहे हैं उस सड़क का पक्की होना इन लोगों के उपस्थिति और काम को प्रदर्शित करता है। इस क्षेत्र के हरेक गांव को सदर मुकाम से जोड़ने का भागीरथी प्रयास किया गया है। जो पिछले 70 वर्षों में भी नहीं हुआ था वह पांच वर्ष में करने का प्रयास किया गया है। और यह किसी से पूछने की जरूरत नहीं है। खुद ही बोलता है।” फिरभी इतनी मसक्कत के बाद जीत हासिल होना इस बार विशेष सतर्कता के साथ विकास कार्य के योजनाओं को अंजाम देने को संकेत करता है। आप दोनो से आग्रह है कि इस बार चीर स्मरणीय कार्य योजना को संपादित कीजिए। धन्यवाद!




