एक है दिल तो दुजी धडकन, हिन्दी और नेपाली है : लक्ष्मण नेवटिया
एक है दिल तो दुजी धडकन, हिन्दी और नेपाली है
दोनों बहनें भोजन करती, प्रेम से एक ही थाली में
भूल से भी तुम भेद न करना, हिंदी और नेपाली में
एक वृक्ष जो आर्यावृत है, उसकी महकी डाली है,
दोनोंको सिंचन मिल जाता, पानी दे जो माली है।
है विकसित,सुवासित दोनों,ज्यूं अमृत की प्याली है,
वैभवशाली बलशाली है, इनकी बात निराली है।
एक दूजे के लिये बनी है, फैलाती खुशियाली है।
राजनीति के चक्रव्यूह से, करनी हमें रुखाली
है।
द्वय भाषा पनघट पर आकर,मिटती जिसकी जो जिज्ञासा
भावों को वाणी मिल जाती, मूर्त्तरूप लेती अभिलाषा ।
मनका तम मिटाती भाषा, उमंग उम्मीद जगाती आशा,
भावसुधा रस पान करु मैं, संस्कृति संवाहक द्वय भाषा ।
लगती है मुरली सी मिठी, नव नूतन द्वय भाव प्रधान
नित नवरस दर्शन सम्भाषण, हर लेती मनका अज्ञान
प्यार और मनुहार की भाषा, हिंदी और नेपाली है,
माधुर्यमयी मनमोहिनीभाषा,हिंदी और नेपाली है।
अभिव्यक्ति का माध्यम सुंदर, हिंदी और नेपाली है.
एक है दिल तो,दूजी धडकन, हिंदी और नेपाली है।
दोनों बहनें भोजन करती, प्रेम से एक ही थाली में
भूल से भी तुम भेद न करना, हिंदी और नेपाली में
लक्ष्मण नेवटिया, बिराटनगर- ९
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