राष्ट्रपति पद के लिए प्रतिस्पर्धा जारी है
काठमांडू, ६ माघ–इसबार कांग्रेस पहली पार्टी बनकर आई लेकिन मुख्य पद पर वह कहीं नहीं है । कारण स्पष्ट है कि जहाँ है केपी ओली वहाँ किसी की नहीं चलती । कांग्रेस को सभामुख का पद तो नहीं ही मिला है और अब वह तैयारी कर रही है कि कैसे भी हो राष्ट्रपति के चुनाव में सभी दल उसका साथ दें । इस पद को पाने के लिए कांग्रेस राष्ट्रीय सहमति कराने का प्रयास कर रही है । लेकिन सत्तागठबन्धन के अनुसार राष्ट्रपति का पद एमाले को दिया गया है ।
प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल ने भी कहा है कि हम समझदारी का प्रयास कर रहे हैं, राष्ट्रपति निर्वाचन के आने में अभी समय है । हम सहमति का प्रयास कर रहे हैं । उन्होंने कहा है कि सत्ता साझेदार और मैं स्वयं भी चाहता हूँ कि कोई एक समझदारी बनें इस पद को लेकर । हम कोशिश कर रहे हैं इसके लिए ।
अध्यक्ष केपी ओली ने कहा कि राष्ट्रपति में राष्ट्रीय सहमति होनी ही चाहिए । एमाले अपनी उम्मीदवारी देगी, हमारी सहमति यही है और हम चाहते हैं कि इसमें राष्ट्रीय सहमति हो और होगी ही ।
लेकिन कांग्रेस के महामन्त्री विश्वप्रकाश शर्मा ने बताया है कि हम राष्ट्रपति पद के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे ।
‘जनता ने सरकार और शीतल निवास के नेतृत्व के लिए बहुत ही अपेक्षा के साथ कांग्रेस पहला दल बनाया था । लेकिन इसमें समन्वय नहीं कर सकना कमजोरी बन गई । हमने सभामुख में प्रतिस्पर्धा किया है तो राष्ट्रपति में भी करेंगे । परिणाम हासिल करने के तरीके से ही प्रतिस्पर्धा करेंगे ।
नेता प्रदीप पौडेल ने भी कहा कि हम राष्ट्रपति में कांग्रेस के उम्मीदवार को जीताने के लिए समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे हैं । साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि –हमारी उम्मीदवारी का समर्थन करना स्वीकार्य है । वैसे अब तक इसे देखते हुए ऐसा नहीं लगता कि कोई राष्ट्रीय सहमति बन पाएगी ।


