कर्तव्य निर्वाह में पीछे नहीं रहूंगी
संघीय सद्भावना पार्टर्ीीे जब डिम्पल झा को समानुपातिक की तरफ से सभासद बनाया तो चौक चौराहे पर चर्चा होने लगी । लोगों ने पार्टर्ीीध्यक्ष पर्ूव मन्त्री अनिल कुमार झा पर परिवारवाद का आरोप भी लगाया । लेकिन पेशा से चिकित्सक डिम्पल झा कहती हैं कि पिछले १२ वर्षसे वह राजनीति में लगी हैं । उनका कहना है कि जो जिम्मेवारी पार्टर्ीीे उनको दिया है, वे उसे बखूबी निभा सकती हैं । प्रस्तुत है, कञ्चना झा के साथ हर्ुइ उनकी बातचीत का सार संक्षेप ः-

० करिब दो महीने हो चुके हैं, कैसा लग रहा है सभासद् बनना –
– बहुत ही संवेदनशील और उत्तरदायित्ववाली जिम्मेवारी है । समग्र में, मैं यह महसूस करती हूं कि यह जिम्मेदारी निर्वाह किया जा सकता है । एक राजनीतिक परिवार के सदस्य और व्यक्ति होने के नाते यह दायित्व मैं बखूबी निर्वाह कर सकती हूं ।
० राजनीति में तो आपका नाम ज्यादा चर्चा में नहीं था, फिर अचानक से पार्टर्ीीे आपको सभासद् बना दिया । ऐसा क्यों –
– अचानक तो नहीं कहना चाहिए । २०५८ साल में अर्थात् आज से १२ वर्षपहले नेपाल महिला मंच के केन्द्रीय सहमहासचिव की जिम्मेदारी मुझे मिली थी । कुछ समय पदीय दायित्व का निर्वाह किया और आगे की पढÞाइ करने ग्वालियर चली गयी, २०६२ और ६३ के आन्दोलन के दौरान भी कार्य किया, २०६४ के संविधान सभा के निर्वाचन में सद्भावना पार्टर्ीीी समानुपातिक पद्धति से सभासद् नहीं बन पायी, संघीय सद्भावना पार्टर्ीीे इस वार मौका दिया । राजनीति में नाम चलना, चर्चा में रहना सिर्फअपने हाथों में नहीं होता है । आप लोग स्थान देंगे तो लोग जानने लगेंगे ।
० पार्टर्ीीे कार्यकर्ता और कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि पार्टर्ीीें परिवारवाद हावी हुआ है, क्या कहती हैं आप –
– राजनीति में ऐसा आरोप लगता रहता है । यह एक संयोग है कि मेरे परिवार के और भी लोग राजनीति में हैं । इसे मैं प्रतिवाद करना नहीं चाहती हूं ।
० अच्छा ठीक है, अब यह बताईए कि जिस कार्य के लिये आपको भेजा गया है , क्या वह संभव है – अर्थात् क्या एक वर्षमें जनता को संविधान मिलेगा –
– हम अपनी ओर से इसके लिए पूरी तरह प्रयत्न करेंगे । लेकिन यह हमारे जैसे एक छोटी पार्टर्ीीे अकेले प्रयत्न से संभव नहीं है । व्यक्तिगत रूप से मैं इस कार्य के लिए अपनी, अपने समाज और संघीय सद्भावना पार्टर्ीीी एजेण्डा पर संविधानसभा में पार्टर्ीीी ओर से तर्क प्रस्तुत करने, कार्य करने और अडÞान रखने के लिए सक्षम हूं ।
० आप स्वयं स्वीकार करतीं है कि आपकी पार्टर्ीीो बहुत छोटी है, तो क्या भूमिका रहेगी संविधानसभा में आपकी और आपकी पार्टर्ीीी –
– संघीय सद्भावना पार्टर्ीीो इस बार का जो जनाधार, जनादेश और जनर्समर्थन है वह न्यून है । यह बात जगजाहिर है । जो है, उसी में गुन्जाइस खोजना है । पार्टर्ीीा जो पिछले तीन दशक का इतिहास, विचार और आदर्श है, जो एजेण्डा रहा है, उस पर कायम रहना है । इसी आलोक में जो संभव है, वह किया जाएगा ।
० अब बात करें महिला की, वास्तव में पीछे हैं नेपाल में महिला, आपके हिसाब से इस समस्या का समाधान क्या हो सकता है –
-संघीय सद्भावना पार्टर्ीीभी तरह के शोषण, उत्पीडन और विभेद के विरुद्ध है और मैं उसी पार्टर्ीीी प्रतिनिधि पात्र हूं । स्वाभाविक रूप से मेरे लिए यह आसान है कि मधेशी, आदिवासी जनजाति, दलित, अन्य अल्पसंख्यक एवं पीछडे हुए समुदाय, वर्ग, क्षेत्रों के साथ साथ आधा आकाश की प्रतिनिधि महिलाओं के ऊपर हो रहे विभेद, अन्याय, अत्याचार और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाकर महिलाओं को भी पुरुष के समानान्तर हिस्सेदारी दिलाना, संविधान, सम्पत्ति, सन्तान और ससुराल में उन्हें समान सम्मान, समुचित संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा दिलाना ।
० अगर मधेसी महिला की बात करें तो हालात और भी बदतर है – वहाँ क्या समस्या है और उन लोगों को मूलधार में लाने के लिए आपकी योजना क्या है –
– संघीय सद्भावना पार्टर्ीीधेश, मधेशी और मधेशवाद के पक्ष में काम करती आयी है । सभी तरह के विभेद के विरुद्ध और समानता के पक्ष में कार्यरत है । अतः मधेशी महिला जिसकी हालात १८ वीं शताव्दी की स्थिति में है, उन के लिए काम करना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है । सभी के सहयोग, सहभागीता और सहकार्य से मधेशी महिलाओं के लिए मैं कार्य करूंगी । इसके लिए सभी मधेशी महिलाओं को अपने संस्कार, संस्कृति और सामाजिक परम्पराओं को जीवन्त रखते हुए हाथ में हाथ और कदम से कदम मिलाकर आवाज बुलन्द करने की आवश्यकता है ।
० वैसे तो आप समानुपातिक की ओर से संविधान सभा में आई हंै फिर भी अपने क्षेत्र की जनता के लिए क्या योजना है आपकी –
– क्षेत्र, जिला, समाज और देश विकास जिस किसी के लिए भी भौतिक पर्ूवाधार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगारी, सामाजिक सुरक्षा प्रारम्भिक और प्रथम आवश्यकता है, हमारे जिले और क्षेत्र की भी यही समस्या है, इस के लिए यथोचित स्थान पर आवाज उर्ठाई जाएगी और समस्याओं के समाधान का रास्ता भी सुझाया जाएगा ।

