इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा टीम ने फिर एक नाबालिग नेपाली लड़की को बचाया
रक्सौल से लगे इंडो-नेपाल बोर्डर पर मानव तस्करी के नए ट्रेंड की नयी युक्ति संज्ञान में आई है. यहाँ एक नेपाली युवक एक नाबालिग नेपाली लड़की के साथ देखा गया. जब उससे जानकारी प्राप्त की तब शादी और नौकरी का प्रलोभन दे कर दिल्ली ले जा रहा था. मानव तस्करी रोधी इकाई क्षेत्रक मुख्यालय स.सी.ब ने उसे और नाबालिग नेपाली लड़की को नेपाल को कानूनी कार्यवाही के लिए सौंप दिया.
जानकारी प्राप्त हुई कि मानव तस्करी रोधी इकाई क्षेत्रक मुख्यालय स.सी.ब रक्सौल की टीम ने एक युवक को देखा जो कि नेपाली रूपये को भारतीय रुपए में परिवर्तित कर रहा था और उसके साथ एक नाबालिग नेपाली लड़की भी थी. उनके संदेहास्पद व्यवहार को देख कर मानव तस्करी रोधी इकाई क्षेत्रक मुख्यालय स.सी.ब. रक्सौल ने अनुभव कर लिया कि कुछ तो ऐसा है जो कि सही नहीं है अत: टीम के स.उ.निरीक्षक अनिल शर्मा व् मुख्यआरक्षी ने उनको रोका और उनसे जानकारी मांगी कि वो लोग कहाँ तथा क्यों जा रहे हैं.
उनके संदेहजनक जानकारी से टीम संतुष्ट नहीं हुई फिर माइती नेपाल बीरगंज (नेपाल) को भी बुलवाया गया जिससे भाषा की आ रही समस्या मध्य में ना आये. पहले युवक अपना झूठा नाम बताता रहा लड़की को अपनी सगी बहन बताता रहा किन्तु टीम के अथक प्रयास से युवक टूट गया उसने कहा कि ये उसकी मित्र है और ये उसे दिल्ली नौकरी और शादी के नाम पर ले जा रहा था. वहाँ दिल्ली में सुलतान नाम के व्यक्ति के पास लड़की को ले कर जा रहा था.
इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि भारत में कुछ ऐसे मानव तस्कर के ऐसे गैंग्स काम कर कर रहे हैं जो कम उम्र के युवकों को नेपाली लड़की से प्रेम सम्बन्ध में फंसा कर भारत के बड़े शहरों जैसे दिल्ली कोलकाता मुंबई या गल्फ देशों में तस्करी करने का कार्य कर रहे हैं और हम इस पर कार्य कर रहे हैं जिससे अधिक अधिक लड़कियां मानव तस्करी का शिकार होने से बचाया जा सके.
इस पूरे रेस्क्यू में इन लोगो का सहयोग भी रहा इंस्पेक्टर टेक बहादुर कार्की (नेपाल), गोमा पोडल(नेपाल), अनिल कुमार शर्मा, अरविंद द्विवेदी, मिकी कुमारी, अमृता कुमारी,


