Thu. Oct 29th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

विधान अधिवेशन की तैयारी में जसपा

 

जनता समाजवादी पार्टी नेपाल की राजनीतिक समिति की बैठक 18 और 19 गते पूस को हुई, जिसमें पार्टी का विधायी सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया गया। विधायी प्रारूप समिति ने अब अपना काम तेज कर दिया है।

समिति के अनुसार, विधायी सत्र मूल रूप से पार्टी द्वारा उठाए गए पहचान के मुद्दे और संगठनात्मक ढांचे पर केंद्रित होगा। JASPA के वर्तमान विधान में, केंद्रीय, प्रांतीय और स्थानीय स्तरों पर विभिन्न संगठनात्मक संरचनाओं का प्रावधान है। विशेष रूप से पहचान-आधारित लिम्बुवान, किरात, मधेश, शेर्पालुंग, नेवा, तम्सालिंग, मगरत, तमुवान, थरुहट, ख़सान और दलित-शिल्पी विशेष (10+1) राष्ट्रीय समितियाँ और सात राज्य-स्तरीय संरचनाएँ (प्रशासनिक संरचनाएँ जिन्हें आयोग द्वारा संदर्भित किया गया है इनके शक्ति और अधिकार क्षेत्र के वितरण पर नेताओं की इसके बारे में अलग-अलग राय है।

यह भी पढें   नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी का दो महीने का राष्ट्रीय जागरण अभियान आज से शुरू होगा

इन दो प्रकार के ढांचों में से राज्य के मामलों में जसपा ने पहचान के आधार पर राज्य स्तरीय समिति को कार्यकारिणी का दर्जा और राष्ट्रीय समिति को समन्वय का दर्जा दिया है। समग्र रूप से पहचान के मुद्दे पर पुनर्विचार करने के लिए पार्टी के भीतर आवाज उठने लगी है। इस लिहाज से ऐसा लगता है कि जसपा के विधायी सत्र में पहचान का मुद्दा एक जटिल मुद्दा बन जाएगा।

यह भी पढें   राजर्षि जनक और नेपाल संस्कृत विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में होगा ‘मिथिला संपदा संवाद श्रृंखला’ का आयोजन

पार्टी ने चैत्र से विधान अधिवेशन सत्र की तैयारी शुरू करते ही विभागों ने अभिलेख जुटाने का काम तेज कर दिया है.

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com