नारायणी नदी के तट पर ज्ञानमहायज्ञ में सवा करोड़ दीप जलाए गए
चितवन।
नारायणी नदी के तट पर माघ 12 गते से चल रहे संग-विराट-श्री गायत्री कोटिहोम ज्ञानमहायज्ञ में शुक्रवार को सवा करोड़ दीप जलाए गए। महायज्ञ के दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए हैं। विभिन्न भक्तों, मातृ समूहों, मंदिरों और सत्संग समूहों ने रोशनी की व्यवस्था की।
महायज्ञ के समन्वयक एवं श्रीगंडकी-नारायणी संरक्षण महाआरती परिषद के अध्यक्ष प्रेमनिधि भारद्वाज ने कहा कि विश्व शांति और राष्ट्र कल्याण के लिए दीप प्रज्वलन महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दीप जलाने से पहले सवा करोड़ बार हवन किया गया।
महायज्ञ में तर्पण और मार्जन का कार्य अभी शेष है। फागुन 15 गते को महायज्ञ का समापन हो रहा है। उन्होंने कहा कि शेष तीन दिनों में तर्पण और मार्जन किया जाएगा। कोटिहोम महायज्ञ का आयोजन श्रीसनातन संस्कृति संरक्षण अभियान एवं श्रीगंडकी-नारायणी संकर्षण महाआरती परिषद के संयुक्त प्रकल्प में महायज्ञ विद्वान एवं राष्ट्रीय गुरु योगी नरहरिनाथ की स्मृति में नदी तट पर किया गया था.

