भारत नेपाल को हिन्दुराष्ट्र के रुपमें प्रतिस्थापित करना चाहरहा है : अशोक सिंघल
करुणा झा, विश्व हिन्दु परिषद् के अन्तर्राष्ट्रीय संरक्षक अशोक सिंघल ने नेपाल को धर्म निरपेक्ष राष्ट्र घोषण करने के कारण संविधान निर्माण में देरी हो रहने की बात कही है । राजविराज मे संचारकर्मी से बातचीत करते हुए उन्होने ये बात बताई । नेपाल सिर्फ हिन्दु ही नही आध्यात्मिक राष्ट्र भी है । उन्होने कहा “नास्तीक भावना से भरे हुए लोगो के कारण ही संविधान नही बन रहा है ।”
भारत भी नेपाल को हिन्दु राष्ट्र के रुप में प्रतिस्थापित करना चाह रहा है बताते
हुये उन्होने कहा कि ऐसी मित्रता और भी ज्यादा घनिष्ठ होगी । विभिन्न नाम में विश्व से ही हिन्दुत्व को सामाप्त करने का षडयन्त्र होता आ रहा है ।
इसीलिए विश्वभर के हिन्दुओ एकजुट होने के सिवाय कोई विकल्प नही है । अभी जाति, पेशा, संप्रदाय तथा भाषा के आधार में विभाजित होना हितकर नही है कहते हुए सिंघल ने सभी हिन्दुओं का एक ही जाति “हिन्दुत्व” है । इस बात को सभी को स्वीकार करने के लिए जोड दिया । भारत में भी अंग्रेजो ने हिन्दुत्व को समाप्त करने का षडयन्त्र करने का आरोप के साथ विगत के दिनो से पाठ सिखकर आपसी एकता को और मजबूत बनाने की बात पर उन्होने जोर दिया ।
नेपाल को धर्म निरपेक्ष राष्ट्र घोषणा करने के कारण संविधान निर्माण में देरी हो रहे टिप्पणी करते हुये सिंघल ने उन्हीं लोगों द्वारा संविधान नही बनने देने का दावी किया । संविधान बनाने के लिए हिन्दु संस्कृति को ही आधार मानकर जल्द से विधान निर्माण हो सकता है उन्होने बताया । नेपाल को हिन्दु राष्ट्र के रुप में पुनस्र्थपित करना नही चाह रहे लोगो ने ही यहाँ विकास में भी बाधा पहुँचा रहने की बात बताते हुए उन्होने समय रहते ही इसपर गंभीरता से विचार करने के लिए कहा । भारत में जल्द ही भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने का दावी के साथ उन्होने कहा ऐसा होने पर नेपाल को हिन्दु राष्ट्र बनाने में मद्दत मिलेगी । सुनसरी के चतरा धाम में आयोजित कुम्भ मेला मे सहभागी होने के पश्चात सप्तरी आने पर उनका जोरदार नागरिक अभिनन्दन किया गया । उन्होने सप्तरीके रामपुर जमुवा गाविस वार्ड नं. ७ मे पशुपति शिक्षा मंदिर, वेद पाठशाला तथा गौ सेवा केन्द्र का भूमि पूजन भी किया ।

