प्रधानमंत्री प्रचंड के कंधों पर १६ मंत्रालयों की जिम्मेदारी
काठमांडू।
प्रधानमंत्री प्रचंड के कंधों पर १६ मंत्रालयों की जिम्मेदारी आ गई हैं। नेकपा एमाले, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सरकार छोड़ने के बाद १६ मंत्रालयों की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री प्रचंड के कंधों पर आ गई। सरकार छोड़ने के अलावा एमाले और राप्रपा ने भी अपना समर्थन वापस ले लिया है, जबकि रास्वा ने अपना समर्थन वापस नहीं लिया है। राप्रपा और रास्वा के सरकार छोड़ने के बाद प्रचंड के कंधों पर आठ मंत्रालय थे।
इनमें वन और पर्यावरण मंत्रालय, युवा और खेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, श्रम रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय, ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय और कानून, न्याय और संसदीय कार्य मंत्रालय। यूएमएल के सरकार छोड़ने के बाद प्रचंड के कंधों पर आठ और मंत्रालय जुड़ गए हैं। इनमें वित्त मंत्रालय, कृषि और पशुधन विकास, उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति, भूमि प्रबंधन, सहकारिता और गरीबी उन्मूलन, विदेश मामले, स्वास्थ्य और जनसंख्या, महिला, बच्चे और वरिष्ठ नागरिक और रक्षा मंत्रालय शामिल हैं।
वर्तमान में प्रचंड के नेतृत्व वाली सरकार में केवल माओवादी और जनमत पार्टी है। इसीलिए प्रचंड ने कहा है कि वह राष्ट्रपति चुनाव से पहले सरकार का विस्तार करने की तैयारी कर रहे हैं।


