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युद्धकालीन मुद्दा नियमित आदालत की क्षेत्राधिकार नहीं हैः डा. भट्टराई

 
डा. बाबुराम भट्टराई, फाईल तस्वीर

काठमांडू, ६ मार्च । नेपाल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष था पूर्व प्रधानमन्त्री डा. बाबुराम भट्टराई ने दावा किया है कि माओवादी द्वारा संचालित सशस्त्र युद्धकालीन मुद्दा नियमित अदालत की कामकारवाही अन्तर्गत नहीं पड़ता है । युद्धकालीन मुद्दा संबंधी जारी बहस के दौरान डा. भट्टराई की ओर से व्यक्त विचार विवाद में आने के बाद उसमें स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने ऐसा कहा है ।
सामाजिक संजाल में डा. भट्टराई ने कहा है– ‘एक छोटी सी स्पष्टीकरणः बहालवाला प्रधानमन्त्री के विरुद्ध मुद्दा दायर नहीं होना चाहिए, मैंने ऐसा नहीं कहा है । मुद्दा दायर कर सकते हैं, जिस वक्त मैं प्रधानमन्त्री था, उस समय मेरे विरुद्ध भी कई मुद्दा पंजीकृत हुई थी, जिसके चलते अदालत में उपस्थित हुआ हूँ । लेकिन शान्ति सम्झौता के अनुसार जनयुद्धकालीन मुद्दा की क्षेत्राधिकार टिआरसी के अन्तर्गत है, यह नियमित अदालत की कार्यक्षेत्र नहीं है । प्रधानमन्त्री प्रचण्ड के सवाल में भी यही बात लागू होती है । आवेग नहीं, विवेक प्रयोग किया जाए ।’
स्मरणीय है, गत शुक्रबार सर्वोच्च अदालत ने प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड के विरुद्ध फौजदारी मुद्दा पंजीकृत करने के लिए आदेश दिया था । उसके बाद तत्कालीन माओवादी नेतृत्व में संचालित सशस्त्र युद्ध से जुड़े हुए नेतागण इसके विरुद्ध में उतर आए हैं । ऐसी ही पृष्ठभूमि में डा. भट्टराई सहित अन्य नेताओं ने अदालती निर्णय के विरुद्ध अभिव्यक्ति दिया था ।

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