सत्ताधारी दलों में उपराष्ट्रपति पद के लिए विवाद !
काठमांडू, १६ मार्च । सत्ताधारी १० दलों में उपराष्ट्रपति पद को लेकर विवाद जारी है । गठबंधन की ओर से सर्वसम्मत एक उम्मीदवार चयन के पदइ बुधबार आयोजित था । लेकिन बैठक में गठबंधन की कोई भी सहमति नहीं हो पाई है । सत्ताधारी गठबंधन से रामसहाय यादव और ममता झा उपराष्ट्रपति पद के लिए दावेदार हैं । चत्रै ३ गते के लिए तय चुनाव में यादव और झा के अलवा नेकपा एमाले की ओर से अष्टलक्ष्मी शाक्य ने भी उम्मीदवारी दी है । जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) की ओर से यादव और जनमत पार्टी की ओर से झा उम्मीदवार हैं । दोनों वर्तमान सत्ताधारी गठबंधन में शामील राजनीतिक पार्टियां हैं ।
सत्ताधारी प्रमुख चार राजनीतिक पार्टी नेपाली कांग्रेस, नेकपा माओवादी केन्द्र, नेकपा एकीकृत समाजवादी और जसपा रामसहाय यादव के पक्ष में हैं । लेकिन बांकी अन्य छोटी–छोटी पार्टियां ममता झा के पक्ष में हैं । बताया गया है कि केन्द्र में उप–प्रधानमन्त्री और मधेश प्रदेश में मुख्यमन्त्री जैसे पदों को लेकर भी उपराष्ट्रपति पद में बार्गेनिङ हो रहा है ।
विशेषतः जनमत पार्टी की ओर से प्रस्ताव हुआ है कि केन्द्र में जसपा को उपराष्ट्रपति पद मिल जाता है तो केन्द्र में उपप्रधानमन्त्री और मधेश प्रदेश में मुख्यमन्त्री अन्य पार्टी की ओर से होना चाहिए । इसीरतरह बारा निर्वाचन क्षेत्र नं. २ में होनेवाला उप चुनाव को लेकर भी बार्गेनिङ हो रहा है । बताया गया है कि अगर जसपा को उपराष्ट्रपति पद दी जाती है तो वहां जसपा के अलवा अन्य पार्टी की ओर से प्रस्तावित उम्मीदवार को समर्थन करना होगा । लेकिन इस प्रस्ताव को जसपा के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने अस्वीकार किया है ।
सोमबार आयोजित संयुक्त बैठक में सहमति ना होने के बाद प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड ने कहा है कि अब वह सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ एकल बैठक करेंगे, उसके बाद ही सहमति में सत्ताधारी गठबंधन की ओर से एकल उम्मेदावर तय हो पाएगा ।

