पाँच लाख में तिब्बती शरणार्थी को नेपाल की नागरिकता !
काठमांडू, २३ मार्च । नेपाल में तिब्बती शरणार्थी के रुप में रहनेवाले एक व्यक्ति ने नेपाली नागरिकता प्राप्त किया है । नागरिकता प्राप्त करनेवाले तिब्बती शरणार्थी लोप्साङ ठिन्ले नाम के युवा ने कहा है कि इसके लिए उन्होंने पाँच लाख रुपये खर्च किया है । ठिन्ले तनहूँ जिला शुक्ला गण्डकी नगरपालिका–८ दुलेगौडा स्थित शरणार्थी कैम्प में रहते हैं । उनको नागरिकता दिलाने के लिए भूमिका निर्वाह करनेवाले अन्य चार व्यक्ति के साथ ठिन्ले को नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है ।
प्राप्त सूचना अनुसार ठिन्ले को नागरिता प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन काठमांडू में लेखापढी व्यवसाय करनेवाले कृष्णबहादुर कटवाल, प्रशासन में स्थित क्यान्टिन संचालक विजय लामा, न्यूल्लेश श्रेष्ठ और हिरालाल शिवाकोटी महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह किया है । नेपाल पुलिस उपत्यका अपराध अनुसंधान कार्यालय बानेश्वर ने एक महीने की अनुसंधान के बाद उन लोगों को गिरफ्तार किया है । पुलिस ने आशंका किया है कि सोनाम छोडेन, टासी शेर्पा, यशोदा शेर्पा, नाम्स शेर्पा को भी इन लोगों ने नेपाली नागरिकता प्रदान किया है ।
पुलिस अनुसंधान से पता चला है कि क्यान्टिन संचालक लामा तिब्बती शरणार्थी को नागरिकता प्रदान के लिए मुख्य भूमिका निर्वाह करनेवाले व्यक्ति हैं । नेपाल पुलिस ने अपनी एक कर्मचारी को नक्कली तिब्बती शरणार्थी बनाकर लामा के पास भेजने के बाद ऐसी रहस्य सामने आई है । नक्कली शरणार्थी के रुप में लामा से मिलनेवाले पुलिस कर्मचारी से उन्होंने कहा कि नेपाली नागरिकता प्राप्ति के लिए ८ लाख रुपये आवश्यक है, जो विभिन्न व्यक्तियों को देना पड़ेगा । बाद में ५ लाख रुपये में वह राजी हो गए ।
बताया गया है कि ठिन्ले को नागरिकता दिलाने के लिए न्यूल्केश श्रेष्ठ नक्कली पिता बन गए, वडा कार्यालय और विद्यालय की सर्टिफिकेट बनाने की जिम्मेदारी हिराला शिवाकोटी ने लिया । उसके बाद पुलिस ने उन लोगों को गिरफ्तार कर अनुसंधान आगे बढाया तो अन्य दो व्यक्ति भी इस कार्य में सहभागी पाए गए थे ।

