मन्त्रालय वितरण में सभी दल जुट गए, मंत्रीपद के लिये दौड़धुप शुरु
काठमांडू, ९ चैत । एक बार फिर सत्ता सुख के लिए दौड़धुप शुरु हो गई है । सत्ता साझेदार प्रमुख राजनीतिक दल सरकार को पूर्णता देने के लिए बातचीत कर रहे हैं । एक दूसरे से मुलाकातें की जा रही है । आने वाले सप्ताह के ही भीतर प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल के नेतृत्व के सरकार को पूर्णता देने के साथ ही प्रदेश सरकार में भी गठबन्धन अनुकूल बनाने के लिए नेपाली कांग्रेस, माओवादी केन्द्र, जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) और नेकपा एकीकृत समाजवादी (नेकपा एस) के शीर्ष नेता बातचीत में लगे हुए हैं ।
दाहाल ने इसी चैत ६ गते प्रतिनिधि सभा से दूसरी बार विश्वास का मत लिया है । उनके विश्वास मत लेने के साथ ही सत्ता साझेदार दल के नेताओं ने मन्त्रालय वितरण में सहमति के लिए बातचीत शुरु कर दी है । प्रधानमन्त्री निवास बालुवाटार में बुधबार को ही प्रमुख चार दल के शीर्ष नेताओं के बीच संघ और प्रदेश सरकार विस्तार, पुनर्गठन के विषय में प्रारम्भिक बातचीत शुरु हो चुकी है । आन्तरिक, दो पक्षीय और बहुपक्षीय बातचीत करके संघ और प्रदेश सरकार विस्तार और पुनर्गठन करने के बारे में नेताओं ने बताया है ।
कांग्रेस के एक नेता का कहना कि बैठक में देश के समसामयिक राजनीति और मन्त्रिपरिषद् विस्तार के विषय में चर्चा हुई । मन्त्रालय संख्या और मन्त्रालय वितरण के विषय में बैठक में कोई खास बातचीत नहीं हुई है । उनका कहना कि सरकार विस्तार करने के विषय में प्रारम्भिक चर्चा हुई लेकिन अभी कुछ दिन और लगेंगे । सामूहिक सहमति जुटाने में कुछ समय लग सकता है ।
सूत्रों के अनुसार बैठक में प्रतिनिधि सभा में सबसे बड़े दल कांग्रेस ने १०, नेकपा एस और जसपा ने ३–३ मन्त्रालय की मांग की है । नेकपा एस ने गृहसहित तीन मन्त्रालय की मांग की है लेकिन सरकार के नेतृत्व में माओवादी केन्द्र गृह मन्त्रालय अन्य किसी दल को देने के पक्ष में नहीं है ।
कांग्रेस को आठ मन्त्रालय, नेकपा एस और जसपा को २–२ मन्त्रालय देने के लिए सरकार सकारात्मक दिख रही है । लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा), जनमत पार्टी, नागरिक उन्मुक्ति पार्टी, नेपाल समाजवादी पार्टी को भी १–१ मन्त्रालय सहित सरकार में सहभागी कराने का गृहकार्य हो रहा है । प्रभु शाह के आम जनता पार्टी को भी १ मन्त्रालय देने क ितैयारी की जा रही है ।
संसद् के चौथे बड़े दल राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) तत्काल सरकार में सहभागी कराने के पक्ष में प्रमुख दल के नेता नहीं हैं । अध्यक्ष रवि लामिछाने को लेकर अभी भी विवाद कायम है । चितवन २ में उपनिर्वाचन नहीं होने तक रास्वपा को सरकार में सहभागी नहीं कराने के लिए प्रमुख दल तैयार है ।
राष्ट्रिय प्रजातन्त्र पार्टी समेत के समर्थन में कोसी प्रदेश सरकार के नेतृत्व नेकपा एस को देने के लिए दल ने लचकता अपनाई है । गण्डकी और लुम्बिनी प्रदेश सरकार के नेतृत्व कांग्रेस लेगी । सुदूरपश्चिम में अभी भी कांग्रेस की सरकार ही नेतृत्व कर रही है । वागमती और कर्णाली प्रदेश में माओवादी नेतृत्व की सरकार है । इन दोनों प्रदेशों में कांग्रेस सरकार में सहभागी होगी । वागमती प्रदेश के मुख्यमन्त्री शालिकराम जम्कट्टेल को विश्वास का मत देने के साथ ही कांग्रेस सरकार में सहभागी होगी ।


