त्रिभुवन विश्वविद्यालय में द्विदिवसीय अन्तर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
काठमान्डू ४ अप्रैल
हिन्दी केंद्रीय विभाग ,त्रिभुवन विश्वविद्यालय कीर्तिपुर काठमान्डू, शिक्षक, शिक्षा विभाग, राम सुहाग तिलक कॉलेज ऑफ एजुकेशन जहानाबाद ,बिहार तथा हिमालिनी कृष्ण चंद्र मिश्र पब्लिकेशन काठमांडू के संयुक्त तत्वावधान में द्विदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन दिनांक ३एवं४ अप्रैल को किया गया। कार्यक्रम त्रिभुवन विश्वविद्यालय सिनास भवन के जनक सभागार में सम्पन्न हुआ। संगोष्ठी का विषय वर्तमान परिदृश्य में ‘शिक्षा, साहित्य, संस्कृति और समाज की भूमिका था। इस अवसर पर भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों से लगभग 150 प्रध्यापक, प्राचार्य, शिक्षक एवं साहित्यकारों की सहभागिता रही ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के पद पर त्रिभुवन विश्वविद्यालय के शिक्षाध्यक्ष प्रा डा शिव कुमार भुसाल ,विशिष्ट अतिथि के पद पर मानविकी संकाय की डीन प्रा डा कुसुम शाक्य, सिनास के अध्यक्ष डा मृगेन्द्र कार्की, भारत से आयोजक डॉ अमित दुबे, डा आरपी पाठक सीनियर प्रोफेसर फार्मर हेड डीन फेकेल्टी आफ एजुककेशन लाल बहादुर शास्त्री नेशनल संस्कृत विश्वविदद्यालय नई दिल्ली, उडीसा ओपन विश्वविद्यालय के कुलपति जयंतकर शर्मा हिमालिनी के निदेशक श्री सच्चिदानंद मिश्र तथा अन्य कई विशिष्ट अतिथि की गरिमामय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दी विभाग की अध्यक्ष डॉ संजीता वर्मा ने किया । कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों के विश्व विद्यालय से कुलपति एवं प्राध्यापकों तथा शोधार्थियों की उपस्थिति थी । उद्घाटन सत्र के बाद कार्यक्रम पांच सत्रों में संपादित किया गया। जिनमें शिक्षा, साहित्य, संस्कृति विषयक कार्य पत्र प्रस्तुत किए गए। कई विशिष्ट व्यक्तित्व को सम्मानित किया गया । प्रमुख आयोजक डा अमित कुमार दुबे को हिमालिनी के द्वारा कृष्णचन्द्र मिश्र साहित्य सम्मान प्रदान किया गया ।कार्यक्रम का सफल संचालन कंचना झा ने किया ।
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