एमाले अध्यक्ष ओली संवैधानिक राजतन्त्र वापसी और संघीयता खारेजी के लिए तैयार हैंः प्रसाई

झापा, ६ अप्रिल । नेकपा एमाले के नेता तथा व्यवसायी दुर्गा प्रसाई ने दावा किया है कि एमाले अध्यक्ष तथा पूर्व प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली नेपाल में संवैधानिक राजसंस्था वापसी के पक्षधर हैं । दमक में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधन करते हुए उन्होंने ऐसा दावा किया है । बुधबार प्रसाई की ओर से व्यक्त उक्त कथन को लेकर सामाजिक संजाल और राजनीतिक वृत्त में चर्चा होने लगी है ।
कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए प्रसाई ने यह भी कहा कि एमाले अध्यक्ष ओली नेपाल को पुनः हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए तैयार हैं और संघीयता खारेज करने के लिए भी वह राजी हैं । उन्होंने कहा कि एमाले अध्यक्ष ओली के सल्लाह अनुसार ही उन्होंने अपने कार्यक्रम में पूर्वराजा ज्ञानेन्द्र शाह को आमन्त्रण किया है । व्यवसायी प्रसाई ने कहा– ‘केपी ओली जी के सल्लाह में ही मैंने पूर्वराजा ज्ञानेन्द्र को मेची पुल में आमन्त्रण किया है, आज मैं दमक में हूँ और सत्य बोल रहा हूँ । मेरे ही फोन से पारस सरकार और ओली बीच बातचीत हुई थी ।’
प्रसाई के अनुसार उस समय ओली ने उनसे कहा था कि कार्यक्रम स्थल में वह (ओली) भी आ जाएंगे । प्रसाई ने आगे कहा– ‘मैंने उनको विश्वास किया, राजा को बुलाया । राजा भी आने के लिए तैयार हो गए । सब निश्चित हो जाने के बाद ओली ने कहा कि राजा को मत बुलाइए । लेकिन मेरा भी इज्जत का सवाल था । निर्णय से वापस नहीं हो सका ।’ उन्होंने कहा कि जिस दिन पूर्वराजा शाह मेची पुल में आए थे, उसी दिन एमाले अध्यक्ष ओली भी झापा में ही थे ।

