Sat. Jul 4th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें himalini-sahitya

मेरी_प्यारी_माँ : मनीषा मारू

 

#मातृदिवस
#मेरी_प्यारी_माँ 

 

अनदेखा,
अनजाना सा प्यार।
बिन शर्तो पर,
पलता जो खुमार।
कलेजे की,
कौर ऐसी बनती।
नैना चाहते,
करना हरपल दीदार।
बुरी नज़रो से,
बचाकर जो दूर रखती ।
जहन में उनके,
पलता बस यही विचार।
वो रेशमी,
वो कोमल सा एहसास।
हर रिश्तों से
“नौ महीने “ज्यादा मिलता
जिस रिश्तें से
जीवन प्रयांत भरपूर दुलार
वो तो सिर्फ और सिर्फ
होता केवल”एक मां “का ही समर्पण प्यार।
धरा से अंबर तक
बहता मेरी प्यारी मां का अथाह प्रेम सागर।
जिसका ना कोई मापदंड
फिर भी निर्झर लेखनी सबकी चलती जाएं
मां शब्दों से बया ना कर पाए
मां ही तो इस जहां में पहला प्यार ,जन्नत और मन्नत कहलाएं।

यह भी पढें   बेल्जियम की जीत सेनेगल फीफा विश्वकप से बाहर
मनीषा मारू
नेपाल

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *