‘चीन नेपाल पर विभिन्न काेण से नजर रखे हुए है’
पाेखरा । नेपाली कांग्रेस के केन्द्रीय सदस्य गुरू बराल ने कहा है कि चीनी विस्तारवाद जब तक नहीं रुकेगा तब तक नेपाल का विकास सम्भव नहीं हो सकता है ।
रवि बार पाेखरा मे राष्ट्रीय एकता अभियान द्वारा आयोजित ‘नेपालप्रति चिनियाँ अभ्यास र असर’ विषय के विचार-गोष्ठी में बोलते हुए उन्होंने कहा कि चीन ने पिछले समय नेपाल पर विभिन्न काेण से नजर रखे हुए ।
उन्होंने कहा,’कभी चीन के लिए नेपाली राजदूत का ओहाेदा प्रमाण पत्र नहीं लेना तो कभी काठमाडाैं स्थित चीनी दूतावास द्वारा चीन नेपाल के आन्तरिक राजनीति में हस्तक्षेप करता रहा है।’
उन्होंने कहा चीन के विस्तारवादी नीति को हम सब को मिलकर रोकना होगा। तभी नेपाल का विकास सम्भव है।
गाेष्ठी में सहभागी पूर्वमन्त्री मेखलाल श्रेष्ठ ने कहा नेपाल को श्रीलंका बनाने की रणनीति में चीन लगा हुआ है।
उन्होंने कहा,’चीन नेपाल को श्रीलंका बनानाचाहताहै, चीन पाेखरा विमानस्थल में निवेश कर विमानस्थल कब्जा में लेने का षडयन्त्र कर रहा है।’
समाजसेवी आनन्द राज मुलमी ने कहा चीन के विस्तारवादी नीतिविरुद्ध सभी को एक जुट होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि चीन बीआरआई द्वारा नेपाल को ऋण जाल में फंसा कर विभिन्न काेण से कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि,’चीन के विस्तारवादी नीति को रोकना होगा, नेपाल को चीनी ऋण के जाल में नहीं फसने देना है ।’
अभियान के केन्द्रीय अध्यक्ष विनय यादव ने कहा कि चीन पिछले समय नेपाल के भूभाग पर अधिकार करने की सूचना समाचार पत्र पत्रिका में पढ़ा था। उन्होंने कहा कि चीनी नागरिक नेपाल में अवैध गति कर रहे। देश की सुरक्षा खतरे में है।
कार्यक्रम का सहजीकरण समाजसेवी एवं नेपाली कांग्रेस स्याङजा के पूर्व सभापति बुद्धि राना ने किया था। हिन्दू स्वयंसेवक संघ के व्यवस्था प्रमुख अनिल गुप्ता तथा हरिहरनाथ मुक्तिनाथ यात्रा के प्रभारी अनूप कुमार अतिथि के रुप में उपस्थित थे।









