नेपाल के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के लिए मानबहादुर कार्की की सिफारिश
काठमांडू, 19 असार 2083 (3 जुलाई 2026) — संवैधानिक परिषद ने मोरंग निवासी मानबहादुर कार्की को नेपाल के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद के लिए सिफारिश की है।
कार्की वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत सरकारी वकील के रूप में की थी और बाद में न्यायिक सेवा में समूह परिवर्तन कर न्याय प्रशासन से जुड़ गए। सिफारिश के साथ ही उन्हें रजिस्ट्रार पद से इस्तीफा देकर संसदीय सुनवाई का सामना करना होगा।
निर्वाचन आयुक्तों की भी सिफारिश
परिषद ने पूर्व डीआईजी डॉ. राजीव सुब्बा और सेवानिवृत्त गुरु वाग्ले (ओखलढुंगा) को निर्वाचन आयुक्त पद के लिए सिफारिश की है। डॉ. सुब्बा ने नेपाल पुलिस में सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ के रूप में काम किया और डीआईजी पद से सेवानिवृत्त हुए। वाग्ले मदन भंडारी प्राविधिक विश्वविद्यालय से जुड़े रहे हैं और वर्तमान में सूचना प्रौद्योगिकी विषय पर अध्ययन/अध्यापन करते हैं। वे निर्वाचन आयोग से सेवानिवृत्त सरकारी वकील (उप-न्यायाधिवक्ता) भी हैं।
दो साल से रिक्त था पद
गौरतलब है कि दो साल पहले मुख्य आयुक्त दिनेशकुमार थपलिया के सेवानिवृत्त होने के बाद से मुख्य आयुक्त का पद रिक्त था। कार्यवाहक मुख्य निर्वाचन आयुक्त रामप्रसाद भंडारी ने 21 फागुन (मार्च) के चुनाव कराए थे। भंडारी भी अगले सप्ताह 65 वर्ष की आयु सीमा के कारण सेवानिवृत्त हो रहे हैं। मुख्य आयुक्त थपलिया और आयुक्त ईश्वरी प्रसाद पौडेल के सेवानिवृत्त होने के बाद नए आयुक्तों की नियुक्ति न होने से निर्वाचन आयोग में दो पद रिक्त थे।


