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सात प्रमुख विश्वविद्यालयों में नए उपकुलपति नियुक्त

 

काठमांडू (नेपाल) ३ जुलाई। नेपाल के सात प्रमुख विश्वविद्यालयों को नए उपकुलपति (Vice-Chancellors) मिल गए हैं। विश्वविद्यालयों के कुलपति और नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने खुला प्रतिस्पर्धा (ओपन कॉम्पिटिशन) के माध्यम से चुने गए योग्य उम्मीदवारों को इन पदों पर नियुक्त किया है।

यह नियुक्तियां शिक्षा और खेल मंत्री **सस्मित पोखरेल** की अध्यक्षता में गठित चयन एवं सिफारिश समिति की ओर से तैयार की गई शॉर्टलिस्ट और सुझावों के आधार पर की गई हैं।

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नियुक्त किए गए उपकुलपतियों की पूरी सूची

किस विश्वविद्यालय की कमान किसे सौंपी गई है, उसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है:

| क्र.सं. | विश्वविद्यालय का नाम | नवनियुक्त उपकुलपति (VC) |

1. त्रिभुवन विश्वविद्यालय (TU) | **डॉ. भोला थापा** *(काठमांडू यूनिवर्सिटी के पूर्व VC)* |
2. सुदूरपश्चिम विश्वविद्यालय | **किसन दत्त भट्ट** |
3.मध्यपश्चिम विश्वविद्यालय | **राजन सुवाल** |
4. पोखरा विश्वविद्यालय | **देवेन्द्र अधिकारी** |
5. पूर्वांचल विश्वविद्यालय | **सुजन बाबु मरहट्टा** |
6. कृषि तथा वन विश्वविद्यालय | **ऋषिराम कट्टेल** |
7.राजर्षि जनक विश्वविद्यालय | **श्यामनारायण लाभ** |

नियुक्ति से जुड़ी मुख्य बातें

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त्रिभुवन विश्वविद्यालय में अनुभव को तरजीह:

देश के सबसे बड़े और पुराने त्रिभुवन विश्वविद्यालय (TU) के उपकुलपति पद पर नियुक्त हुए **डॉ. भोला थापा** के पास उच्च शिक्षा प्रशासन का लंबा अनुभव है। वह इससे पहले काठमांडू विश्वविद्यालय (KU) के उपकुलपति के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
* **पारदर्शी प्रक्रिया का दावा:** शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बार उपकुलपतियों की नियुक्ति राजनीतिक भागबंदर (राजनैतिक कोटा) के बजाय पूरी तरह से योग्यता, प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) और इंटरव्यू में मिले अंकों के आधार पर की गई है। इस प्रक्रिया में कुल 218 शिक्षाविदों ने आवेदन किया था, जिनमें से अंतिम तीन-तीन नामों की सूची प्रधानमंत्री को सौंपी गई थी।

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नए उपकुलपतियों की नियुक्ति के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि लंबे समय से प्रशासनिक और शैक्षणिक चुनौतियों से जूझ रहे इन विश्वविद्यालयों के कामकाज में तेजी आएगी और शैक्षणिक कैलेंडर में सुधार होगा।

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