अयोग्य लडाकू को फण्ड देने का जो निर्णय है, उसका विरोध करना अर्थहीन हैः गृहमन्त्री

काठमांडू, १ मई । उपप्रधान तथा गृहमन्त्री नारायणकाजी श्रेष्ठ ने कहा है कि अयोग्य लडाकू को सरकार की ओर से जो फण्ड देने का निर्णय हुआ है, उसका विरोध करना अर्थहीन है । उनका कहना है कि यह निर्णय आज का नहीं है, शान्ति सम्झौता होते वक्त ही इस संबंधी निर्णय हुआ था । उन्होंने कहा कि उसी समय अयोग्य लडाकू को राहत स्वरुप २ लाख देने का निर्णय हुआ था ।
गृहमन्त्री श्रेष्ठ ने यह भी कहा कि निर्णय विरुद्ध अदालत में बहस भी हो चुका है और अदालत की ओर से भी स्वीकृति प्राप्त है । जनकपुर में संचारकर्मियों से बातचीत करते हुए गहृमन्त्री श्रेष्ठ ने कहा– ‘अदालत में बहस होकर भी स्वीकृति प्राप्त हो चुका है । इस विषय को लेकर आज गलत प्रचारबाजी करना ठीक नहीं है । ऐसी हरकत लोकतान्त्रिक आन्दोलन, जनयुद्ध और विस्तृत शान्ति सम्झौता के विपरित है ।’

