प्रधानमंत्री श्री पुष्पकमल दहाल (प्रचंड) जी का भारत भ्रमण दोनों देशों के संबंध में एक मजबूती प्रदान करेगी : अशोक कुमार बैद
नेपाल के सम्मानीय प्रधानमंत्री श्री पुष्पकमल दहाल (प्रचंड) जी का भारत भ्रमण दोनों देशों के संबंध में एक मजबूती प्रदान करेगी। नेपाल और भारत के सम्बन्धों की पूरे विश्व में एक अलग ही मिशाल है। हमारी खुली सीमाएं, हमारी संस्कृति एक है, हमारे संस्कार एक है, हमारे पर्व त्यौहार एक है,हमारी नदियां एक है हमारी भाषा एक है हमारी लिपि एक है, हमारे रीति रिवाज एक है हमारे धार्मिक ग्रंथ एक है (रामायण,गीता,महाभारत वेद) । हम दोनों देशों के बीच रोटी बेटी का पारिवारिक संबंध है। दोनों देशों के बीच सबसे ज्यादा आवगमन होता है। नेपाल में जो कल आर्थिक बजट आया है उसमें पर्यटन पर जोर दिया गया है। 10 वर्षीय पर्यटन वर्ष के रूप में घोषणा हुई है सो दोनों देशों के बीच संयुक्त पर्यटन बोर्ड स्थापित हो ताकि रामायण सर्किट, शिव सर्किट, बुद्ध सर्किट ओर जैन सर्किट का कार्य तीव्र गति से आगे बढ़ सके और दोनों देशों के बीच सहज कनेक्टिविटी हो सड़क,रेल,हवाई मार्ग सहज हो ताकि दोनों देशों के बीच आवागमन ज्यादा से ज्यादा हो। समय समय पर व्यपारिक,मीडिया ओर नागरिक समाज का एक दूसरे देश में भ्रमण होता रहे। नेपाल के प्रधानमंत्री का यह भ्रमण एक ऐतिहासिक समय पर हो रहा है। भारत के सम्मानीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने नए संसद भवन का ऐतिहासिक उदघाटन किया जिसमें सबको समावेश कर मजबूत लोकतंत्र का पूरे विश्व में संदेश दिया है। आज भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी पूरे विश्व में लोकप्रिय है। इस भ्रमण द्वारा हमें अपने देश के गणतंत्र को मजबूत करने का सीखने का अवसर भी है। नेपाल इस समय आर्थिक कठिनाइयों के कठिन दौर से गुजर रहा है। भारत ने नेपाल की हर कठिन घड़ी में चाहे भूकम्प हो या कोरोना काल हो हर समय सहयोग के साथ खड़ा रहा है। इस विषम परिस्थिति में भारत से भरपूर सहयोग की अपेक्षा है। नेपाल में 75% आयात भारत से होता है और सबसे बड़ा व्यापार घाटा है सो भारत से व्यापार घाटा कम करने के लिए नेपाली उत्पादित समान को भारतीय बाजार में उचित स्थान भारत को देना चाहिए ताकि व्यापार घाटा कम हो सके। नेपाल भारत की खुली 1700 किलोमीटर सीमाएं है। सीमा के राज्यों के साथ भी People To People बातचीत होती रहे ताकि हमारे संबंधो को ओर मजबूती प्रदान हो। भारत विश्व के आर्थिक रूप से तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। नेपाल को भी अवसर है। इस भ्रमण से भारत के आर्थिक विकास की प्रकिया को भारत के आर्थिक विज्ञों द्वारा समझने और जाननें का और अपने देश में विकास की तीव्र गति देने का भी एक स्वर्णिम अवसर होगा ।
भ्रमण की सफलता की शुभकामना

केंद्रीय अध्यक्ष
नेपाल भारत सहयोग मंच
अशोक कुमार बैद
केंद्रीय अध्यक्ष
नेपाल भारत सहयोग मंच

