कीर्तिपुर होल्डिङ सेंटर में कथित पुलिस ज्यादती पर राजेन्द्र महतो ने उठाए सवाल, अस्पताल में माजिद अंसारी से की मुलाकात

काठमांडू, 13 जुलाई। राष्ट्रिय मुक्ति पार्टी नेपाल के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपप्रधानमंत्री राजेन्द्र महतो ने आज कीर्तिपुर स्थित सुकुम्बासी होल्डिङ सेंटर में कथित पुलिस दुर्व्यवहार के शिकार युवा अभियानकर्ता माजिद अंसारी से अस्पताल में मुलाकात कर उनका स्वास्थ्य हालचाल जाना।
मुलाकात के बाद अपने फेसबुक पोस्ट में महतो ने आरोप लगाया कि पुलिस की पिटाई से माजिद अंसारी के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं, जो राज्य की दमनकारी प्रवृत्ति को उजागर करते हैं। उन्होंने कहा कि माजिद की पीड़ा सुनकर कोई भी संवेदनशील व्यक्ति व्यथित हो जाएगा।
महतो के अनुसार, माजिद अंसारी ने भावुक होकर उनसे पूछा, “जब देश का प्रधानमंत्री स्वयं मधेसी है, तब भी मुझे केवल मधेसी होने के कारण इस तरह क्यों पीटा गया? क्या इस देश में हमारे आत्मसम्मान की कोई कीमत नहीं है? क्या इसी परिवर्तन के लिए हमने संघर्ष किया था और इसी उम्मीद में बालेन को वोट दिया था?”
राजेन्द्र महतो ने कहा कि यह प्रश्न केवल उनका व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे मधेसी समाज का प्रश्न है। उन्होंने इसे वर्तमान सरकार और समूची राज्य व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि यदि बिना गिरफ्तारी वारंट, बिना किसी कानूनी आधार के किसी युवक को आधी रात में हिरासत में लेकर उसके साथ मारपीट की जाती है तथा कथित रूप से “मधेसी” कहकर नस्लीय अपमान किया जाता है, तो यह कानून के शासन पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
उन्होंने कहा कि सत्ता में कोई भी दल या व्यक्ति क्यों न हो, यदि मधेसी और अन्य हाशिए पर रहे समुदायों के प्रति राज्य का दृष्टिकोण नहीं बदलता, तो समानता और न्याय के दावे खोखले साबित होंगे।
महतो ने सरकार से मांग की कि माजिद अंसारी की गिरफ्तारी और उनके साथ हुए कथित दुर्व्यवहार का कानूनी आधार सार्वजनिक किया जाए, घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए तथा माजिद के समुचित उपचार और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अपने संदेश के अंत में उन्होंने कहा कि रंग, भूगोल या पहचान के आधार पर नागरिकों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने माजिद अंसारी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की।

