Sat. Jun 27th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

सीमा शुल्क लगाने पर नेपाली नागरिक नाराज, लोगों ने शुल्क ना देकर सामान लौटाया

 

भद्रपुर

भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता है। नेपाल से लोग रोजमर्रा के सामान की खरीदारी के लिए भारतीय क्षेत्र में आते रहे हैं। अब भारत से 100 रुपये से अधिक का सामान नेपाल ले जाने पर शुल्क लगाने के साथ ही रोकटोक भी की जा रही है। भद्रपुर सीमा शुल्क कार्यालय ने कई लोगों से टैक्स लिए तो कइयों ने टैक्स से बचने के लिए सामान वापस कर दिया। कहा जा रहा है कि अधिक सामान लेकर जाने वाले लोगों को शुल्क देना होगा।

भद्रपुर भंसार कार्यालय के अनुसार यह पुराना नियम है और इसका पालन कराने के लिए सरकार की ओर से नया नोटिफिकेशन भेजा गया है। सुपौल के पास भी नेपाल के भंटाबाड़ी सीमा शुल्क कार्यालय के पास सख्ती बरती जा रही है। सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया, सोनबरसा व सुरसंड में भंसार पहले से कटता रहा है।

यह भी पढें   क्या खत्म होगी प्रदेश सभा ? क्या है स्वर्णिम वाग्ले का प्रस्ताव, जिसने नेपाल की राजनीति में छेड़ दी नई बहस

बैरगनिया में भारत से नेपाल कोई सामान ले जाने वालों को भंसार शुल्क देना पड़ रहा है। मधुबनी से लगी नेपाल सीमा पर भी यही स्थिति है। दूसरी ओर, बगहा पुलिस जिले में वाल्मीकिनगर नेपाल सीमा से लगा है। इससे सटे त्रिवेणी कस्टम कार्यालय प्रमुख चंडी गेलाल व पूर्वी चंपारण की रक्सौल सीमा के कस्टम कार्यालय प्रमुख डिलाराम पंथी ने बताया कि यहां अभी शुल्क नहीं लिया जा रहा। किशनगंज के गलगलिया में नेपाल के भद्रपुर से लोग खरीदारी करने आते हैं।

भद्रपुर सीमा शुल्क कार्यालय ने कई लोगों से टैक्स लिए तो कइयों ने टैक्स से बचने के लिए सामान वापस कर दिया। कार्यालय से कहा जा रहा है कि अधिक सामान लेकर जाने वाले लोगों को शुल्क देना होगा। विराटनगर सीमा शुल्क कार्यालय के अनुसार वहां अलग-अलग वस्तुओं पर पांच से 35 प्रतिशत के हिसाब से शुल्क लगा है।

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 26 जुन 2026 शुक्रवार शुभसंवत् 2083

कृषि से संबंधित उत्पादों चावल, दाल या सब्जी आदि के लिए शुल्क पांच से 25 प्रतिशत तक है। कृषि से संबंधित सामग्री का प्लांट क्वारंटाइन प्रमाणपत्र आवश्यक है। कपड़ों पर 20 से 35 प्रतिशत तक शुल्क व चीनी प्रतिबंधित माना गया है।

इस कारण इसपर 12 रुपये प्रति किलो की दर से तथा बिस्किट आदि में 35 प्रतिशत राजस्व लग रहा है। नेपाल के लोग चावल, आटा, दाल, चीनी, सरसों तेल, आलू, प्याज, सब्जी, मछली आदि की खरीदारी करने भारत जाते हैं। ये सामान भारत में 10 से 15 रुपये कम कीमत पर मिलते हैं। भद्रपुर व्यापार संघ के अध्यक्ष राजीव पनेरू ने बताया कि नेपाली लोगों के भारत में खरीदारी करने से नेपाल के व्यापारियों को नुकसान उठाना होता है।

यह भी पढें   रास्वपा महाधिवेशन– मतदान में देरी

इस मामले को लेकर भद्रपुर भंसार कार्यालय के अमित तिवारी ने बताया कि, नियम 2015-16 में यह पारित हुआ था। नेपाल वाणिज्य संघ के दबाव पर हर भंसार पर इसे पालन कराने का काम शुरू किया गया है।

इसको लेकर नया नोटिफिकेशन सीमा शुल्क कार्यालय में सरकार की ओर से भेजा गया है। फिलहाल अधिक मात्रा में सामान लेकर जाने वाले से शुल्क वसूला जाने लगा है। कम मात्रा में सामान लेकर जाने वालों को इस बारे में बताया जा रहा है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed