धान दिवस का नारा….‘जलवायु अनुकूलित कृषक मैत्री प्रविधि, धान उत्पादन में वृद्धि’– प्रधानमंत्री दाहाल
काठमांडू, १५ असार
प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड ने धान चामल में आत्मनिर्भर होने की दिशा में योगदान देने वाले सम्पूर्ण देशवासियों से आह्वान किया है कि जलवायु अनुकूलित काम करें । उनका कहना है कि धान के जात, उत्पादन प्रविधि के विकास और अवलम्बन द्वारा लम्ब समय तक जो चले इस तरह का काम करके धान उत्पादन बढ़ाया जा सकता है ।
राष्ट्रीय धान दिवस के अवसर में शुभकामना सन्देश जारी करते हुए प्रधानमन्त्री प्रचण्ड ने यथास्थिति में धान उत्पादन वृद्धि के लक्ष्य को पूरा करने में कठिनाई तो होती है लेकिन जलवायु अनुकूल के धान की खेती करने पर जोड़ दिया । उन्होंने कहा कि ‘जलवायु अनुकूलित धान के जात और खेती प्रविधि के विकास और कृषक स्तर में प्रविधि हस्तान्तरण को और ज्यादा व्यवस्थित बनाने के साथ ही इसके गति को बढ़ाना भी अत्यावश्यक है ।’
पिछले कुछ समय से जलवायु परिवर्तन के कारण सुख्खा खडेरी, अतिवृष्टि, असमय की वर्षा, बाढ़, भूस्खलन, रोग तथा किड़ा का प्रकोप आदि बढ़ने से धान उत्पादन पर नकारात्मक असर पर रहा है । इसलिए जलवायु अनुकूल के धान के जात और खेती प्रविधि का विकास करना होगा । इसलिए सरकार ने इस वर्ष को राष्ट्रीय धान दिवस का नारा ‘जलवायु अनुकूलित कृषक मैत्री प्रविधि, धान उत्पादन में वृद्धि’ तय की है ।

