जनकपुरधाम में राम जानकी अंतरराष्ट्रीय रंगशाला को भारत द्वारा एक अरव का सहयोग
जनकपुरधाम/मिश्रीलाल मधुकर। भारत सरकार जनकपुरधाम में निर्माणाधीन राम जानकी अंतरराष्ट्रीय रंगशाला (स्टेडियम)को एक अरव का सहयोगभारत करेगी। उपयुक्त समझौता शनिवार को मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री सरोज यादव तथा भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव के बीच काठमांडू में बैठक के बाद हुयी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जव 21मई 2019को जनकपुरधाम आए थे उन्हें बारहबीघा (रंगभूमि) मैदान में नागरिक अभिनंदन किया गया था इसीदौरान जनकपुरधाम को सौगात के तौर पर एक अरव भारतीय रूपये देने की घोषणा की थी।इतने सालों तक मधेश सरकार, जनकपुरधाम वृहत्तर विकास परिषद, जनकपुरधाम उप महानगरपालिका अपने अपने स्तर पर खर्च करना चाह रही थी। इसलिए यह रकम जब का यह पड़ा था।भारतीय दूतावास काठमांडू, भारतीय बाणिज्य महादूतावास वीरगंज लगातार मधेश सरकार तथा जन प्रतिनिधि से संपर्क कर इस रकम को उचित समायोजन हेतु डीपीआर के लिए दवा बना रहा था।इस कोरकम धर्मशाला बनने के पक्ष में भी कुछ लोग थे।अंततःइस रकम का ख़र्च राम जानकी अंतरराष्ट्रीय रंगशाला में ही खर्च होगा। इस तरह इस रकम का अंततः राम जानकी अंतरराष्ट्रीय रंगशाला (स्टेडियम)में खर्च होगा। भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने इसके लिए मधेश सरकार कोडीपीआर तैयार करने को कहा है।इस अंतराष्ट्रीय रंगशाला के निर्माण मेंभारत सरकार और रकम मुहैया कराएगी।ऐसा भरोसा भी भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव नेदिया है। इस अन्तर्राष्ट्रीय राम जानकी अंतरराष्ट्रीय रंगशाला निर्माण का परिकल्पना दिनेश पूर्वे है। वे ही इसके लिए दिन रात मेहनत किए।जनकपुरधाम के रजौल में गुठी संस्था द्वारा 17बीघा जमीन उपलब्ध करायी है।इसके लिए दिनेश पूर्वे नेदिन रात एक कर दिये हैं। परिवार के भरण पोषण कैसे होगा?इसकी भी चिंता छोड़ दिए हैं।इनके इस दीवानगी पर लोग मजाक उड़ाते थे तो कई लोग उसे पागल तक भी कहते थे। मधेश सरकार अब तक 60लाख सहयोग कर चुकी हैं।



