सभामुख पद त्यागने के लिए बाध्य हो रहे हैं कोशी प्रदेश के सभामुख गौतम

विराटनगर, २९ जुलाई । कोशी प्रदेश के मुख्यमन्त्री उद्धव थापा की नियुक्ति बदर होने के बाद यहां नयी सरकार निर्माण के लिए कसरत शुरु हो रहा है । कोशी प्रदेश के लिए नेपाली कांग्रेस संसदीय दल के नेता थापा पुनः मुख्यमन्त्री बनने की प्रयास में हैं तो प्रदेशसभा में सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति के रुप में रही नेकपा एमाले भी सरकार निर्माण के लिए प्रयासरत है ।
ऐसी ही पृष्ठभूमि में केन्द्रीय पहल में कोशी प्रदेश में पुनः कांग्रेस–माओवादी गठबन्धन में सरकार निर्माण का प्रयास हो रहा है । इसके लिए सभामुख बाबुराम गौतम को सभामुख पद से इस्तीफा देना होगा । आज (शनिबार) सुबह प्रधानमन्त्री निवास बालुवाटार में इसी विषय को लेकर नेपाली कांग्रेस और माओवादी केन्द्र के शीर्ष नेताओं के बीच विचार–विमर्श हुई है । बैठक का निष्कर्ष है कि सभामुख गौतम को पद से इस्तीफा दिलाकर भी पुनः कांग्रेस–माओवादी गठबन्धन में सरकार निर्माण करना चाहिए ।
स्मरणीय है, कोशी प्रदेशसभा में सरकार निर्माण के लिए ४७ प्रदेशसभा सदस्यों की समर्थन आवश्यक है । लेकिन माओवादी सबंद्ध सभामुख गौतम को मुख्यमन्त्री चयन प्रक्रिया में मत देने की अधिकार नहीं है, जिसके चलते कांग्रेस–माओवादी गठबंधन में शामील सांसदों की संख्या ४६ होती है, एक सदस्य के अभाव को पुर्ति करने के लिए कांग्रेस–माओवादी गठबंधन ने सभामुख को इस्तीफा दिलाकर बहुमत जुटाने का प्रयास शुरु किया है । लेकिन अगले मुख्यमन्त्री कौन बनेंगे ? इस विषय को लेकर कोई भी सहमति नहीं हुई है ।
नेपाली कांग्रेस की चाहत है कि पुनः उद्धव थापा को ही मुख्यमन्त्री बनाना होगा । लेकिन माओवादी केन्द्र इसके लिए तैयार नहीं है । इसी विषय को लेकर आज प्रधानमन्त्री भी रहे नेकपा माओवादी केन्द्र के अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड, नेपाली कांग्रेस के सभापति शेरबहादुर देउवा, उप–सभापति पूर्ण बहादुर खडका, महामन्त्री विश्वप्रकाश शर्मा, नेता कृष्ण सिटौला जैसे नेता विचार–विमर्श के लिए जूट गए थे । बताया गया है कि सभामुख गौतम को पद से इस्तीफ दिलाने के लिए कांग्रेस–माओवादी तैयार हैं । बैठक में शामील एक नेता के अनुसार सभामुख की इस्तीफा के बाद ही अगले मुख्यमन्त्री संबंधी विषय को लेकर विचार–विमर्श होगी ।

