राजनीतिक नक्शे का पड़ोसी देश सम्मान करे
काठमांडू, १६ भादव
काठमांडूस् चीन के नए नक्शे पर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार ने चीन से कहा कि वह देश के राजनीतिक नक्शे का सम्मान करे। इससे पहले नेपाल के अंदर चीन के नए नक्शे पर भारी बवाल हो गया था। नेपाल के छात्र संगठन जहां सड़कों पर प्रदर्शन कर रहें, वहीं नेपाल के राजनीतिक दल भारी गुस्से में हैं। काठमांडू के मेयर ने बालेन शाह पे अपनी चीन यात्रा को ही रद कर दिया। नेपाल में बढ़ते दबाव के बाद अब प्रचंड सरकार ने चीन से कहा है कि वह देश के नए राजनीतिक नक्शे का सम्मान करे।
सरकार ने कहा कि वह साल द्दण्द्दण् में पारित किए गए नए नक्शे पर पूरी तरह से कायम है। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने चीन के नक्शे पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि यह बयान दिया। इससे पहले नेपाल में यह मांग उठ रही थी कि प्रचंड सरकार चीन के नए नक्शे पर अपना विरोध जताए। दरअसल, चीन के नए नक्शे में कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को भारत का हिस्सा माना है। वहीं नेपाल का दावा है कि ये सभी नेपाली इलाके हैं। इन तीनों इलाकों पर भारत का नियंत्रण है। अब सरकार ने कहा है कि हमारे पड़ोसी देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय नेपाल के नए नक्शे का सम्मान करे।

