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ललितपुर जिले में विद्यालय भवन निर्माण हेतु भारतीय सहयोग

 

समाचार
ललितपुर जिले में विद्यालय भवन निर्माण हेतु भारतीय सहयोग
२ जुलाई २०१४ को ललितपुर विला में आयाजित एक र्सार्वजनिक समारोह में भारत के राजदूत महामहिम रणजीत राय ने नेपाल भारत आर्थिक सहयोग कार्यक्रम अर्न्तर्गत भारत के सहयोग में नवनिर्मित श्री महाकाल उच्च माध्यमिक विद्यालय का उघाटन किया ।Ranjit Ray In Lalitpur School 2
यह विद्यालय सन् १९६० में प्राथमिक विद्यालय के रूप में स्थापित हर्ुइ थी इसके बाद उच्च माध्यमिक विद्यालय में यह परिवर्तित हुआ । यह विद्यालय गोटीखेल गाविस ललितपुर जिला में है । भारत ने रु १.९६ करोडÞ की सहयोग राशि प्रदान की है, जिससे भवन निर्माण के साथ साथ विद्यालय में अध्ययनरत ५५ प्रतिशत छात्राओं के साथ ही ६०० से अधिक विद्यार्थियों लाभान्वित होंगे । अध्ययन कार्य के अलावा जिला के विकास में भी योगदान होगा ।भारत सरकार ने विद्यालय को फर्नीचर और कम्प्यूटर के लिए ३० लाख की अतिरिक्त सहायता भी दी है । इस परियोजना के अतिरिक्त भारत द्वारा दिए गए अनुदान राशि ने.रु.३.२६ करोडÞ से नौ ऐतिहासिक स्थलों का जीर्णोद्धार भी हो रहा है साथ ही ने.रु.१२.५७ करोडÞ की लागत में ललितपुर जिला के चार परियोजना का कार्य भी हो रहा है । भारतीय सहयोग में १० एम्बुलेन्स और ६ स्कूल बस भी प्रदान किया गया है ।
नेपाल भारत विकास साझेदारी के लिए नेपाल भारत आर्थिक सहयोग कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होगा । भारतीय राजदूत ने आशा व्यक्त की कि इस कार्यक्रम के द्वारा संचालित विकास परियोजना से नेपाल की जनता की शान्ति और समृद्धि में सहयोग मिलेगा ।
नेपाल में बढÞते विकास के महत्व को आत्मसात करते हुए उसके लिए भारत सदैव सम्पर्ूण्ा सहयोग प्रदान करने हेतु तत्पर है । भारत नेपाल आर्थिक सहयोग कार्यक्रम अर्न्तर्गत संचालन होने वाली सम्पर्ूण्ा परियोजना नेपाल के लगभग सभी जिला में कार्य कर रही है इसके अर्न्तर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य तथा पर्ूवाधार विकास आदि क्षेत्र में कार्य हो रहे हैं । अब तक के पूरे हुए परियोजना में लगभग ने.रु. ६५०० करोडÞ से ज्यादा की लागत लग चुकी है । ये विकास परियोजना स्थानीय आवश्यकतानुसार नेपाल सरकार के साझदारी में संचालित हो रहे हैं ।

समाचार
महामना मालवीय याद किए गए
महात्मा मालवीय मिशन नेपाल द्वारा राष्ट्रपति भवन शीतल निवास महाराजगंज में महामना मदन मोहन मालवीय के विचार और सोच पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किया गया । महामना मालवीय की सोच आज भी सांदर्भिक है । देश निर्माण और युग निर्माण में युवा पीढÞी को आज भी महामना से सीख लेनी होगी ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नेपाल के राष्ट्रपति डा. रामवरण यादव थे । कार्यक्रम में भारतीय दूतावास के राजदूत महामहिम रणजीत राय की गरिमामयी उपस्थिति थी । कार्यक्रम का मुख्य आकर्षा भारत से आए जस्टिस गिरिधर मालवीय जी का सारगर्भित वक्तव्य रहा । आपने कहा कि नेपाल वन सम्पदा वनस्पति और रत्नों का खान है । कालिदास ने कुमारसम्भम मंे कहा है कि हिमालय में रत्न ही रत्न हैं । यहाँ के शासन व्यवस्था को चाहिए कि विश्व में नेपाल की पहचान इसकी वन सम्पदा और वनस्पतियों से कराए । तत्पश्चात् आपने महामना जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला साथ ही यह स्थापित किया कि उनके विचार आज भी समय सापेक्ष हैं और उसे अंगीकार करना चाहिए ।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति जी का वक्तव्य आया । राजदूत महोदय ने यह आश्वासन दिया कि इस संस्था के विकास और सहयोग के लिए राजदूतावास हमेशा तत्पर है और अपेक्षित सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है । एक र्सार्थक विचार के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हर्ुइ ।

नेपाल-भारत मैत्री संस्था संजाल में चौधरी
नेपाल-भारत मैत्री पर््रवर्द्धन के उद्देश्य से स्थापित संघ संस्था नेपाल-भारत मैत्री संघ, नेपाल भारत मैत्री समाज, नेपाल भारत मैत्री महिला समाज, नेपाल भारत अवध मैत्री समाज, नेपाल भारत मैत्री युवा समाज लगायत के संस्थाओं का साझा संजाल नेपाल-भारत मैत्री संस्था संजाल का गठन किया गया है । नेपाल भारत मैत्री सम्बन्ध को और प्रगाढ बनाने हेतु स्थापित इस संजाल का संयोजकत्व बारी-बारी सभी संस्था द्वारा किए जाने का निर्ण्र्ाालिया गया । जिस अनुसार पहले वषर्ीय कार्य काल संयोजकत्व नेपाल भारत मैत्री महिला समाज के अध्यक्ष चन्दा चौधरी द्वारा किया गया है ।
सभी संघ-संस्थाओं का उद्देश्य समान होने के नाते अब इस संजाल द्वारा नेपाल भारत मैत्री पर््रवर्द्धन हेतु विभिन्न कार्यक्रम एकजूट होकर सम्पादन किए जाने की बात बताई गई । इस संजाल में समान उद्देश्य के अन्य संघ-संस्थाओं को भी जुडÞने के लिए अनुरोध किए जाने की बात संयोजक चन्दा चौधरी ने बताई । नव गठित नेपाल-भारत मैत्री संस्था संजाल के १५ सदस्यीय कार्य समिति में सभी संस्था के अध्यक्ष, पदेन सदस्य तथा एक-एक संस्था के प्रतिनिध होने की बात बताई गई ।

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