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नव्य अयोध्या का काम तेजी से जारी, नेपाल, श्रीलंका ने भी मांगी जमीन

 
अयोध्या 19अक्टूबर
रामनगरी में तीन गांवों की जमीन पर ग्रीन फील्ड टाउनशिप (नव्य अयोध्या) को आकार देने का काम तेजी से जारी है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद रामनगरी अयोध्या भारत के बेहद आकर्षक और हाइटेक शहरों में शुमार होगी. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अयोध्या का वैभव कई गुना बढ़ जाएगा. दरअसल यूपी आवास विकास परिषद ने अयोध्या में हाईटेक नव्य अयोध्या को बसाने का जो प्लान तैयार किया है, उसे केंद्र सरकार की नाइन सिटी चैलेंज योजना में चयनित होने के बाद वृहद विस्तार मिला है. इस प्रोजेक्ट में 80 देशों के गेस्ट हाउस सहित मठ, मंदिर और आश्रमों के लिए भी जमीन आरक्षित की जा रही है. नव्य अयोध्या में अब पड़ोसी देश नेपाल और श्रीलंका सहित दक्षिण कोरिया ने भी जमीन को लेकर मांग की. बताया जा रहा है कि तीनों देशों ने पांच-पांच एकड़ जमीन की मांग की है. टाउनशिप में 15 राज्य पहले ही जमीन मांग चुके हैं. वहीं गुजरात को भूखंड का आवंटन भी किया जा चुका है. इसके अलावा मशहूर टीवी सीरियल रामायण धारावाहिक के निर्माता रामानंद सागर के परिजनों ने भी आध्यात्मिक पार्क के निर्माण के लिए नव्य अयोध्या में जमीन की मांग की ।
 नव्य अयोध्या में अब तक देश के 10 राज्यों सहित कई बड़े मंदिरों के लिए जमीन आरक्षित की जा चुकी है. नेपाल, श्रीलंका, त्रिनिडाड, दक्षिण कोरिया ने भी जमीन मांगी है. इसके अलावा देश के कई राज्यों से आवेदन आए हैं. नव्य अयोध्या में होटल, मॉल, स्कूल कॉलेज के लिए भी जमीन आरक्षित की जाएगी. प्रोजेक्ट के मुताबिक नव्य अयोध्या योजना कुल 1852 एकड़ में आकार लेगी. योजना को दो चरणों और छह क्षेत्रों में बांटा गया है. पहले चरण में 539 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी. वहीं पूरे प्रोजेक्ट के लिए 1407 एकड़ जमीन में से 90 फीसदी से ज्यादा खरीद ली गई है..
प्रशासन के मुताबिक विस्तारित क्षेत्र 248 एकड़ के लिए 21 अक्तूबर तक आपत्तियां ली जाएंगी. इसके बाद सुनवाई होगी. आवास विकास के अधिकारियों के मुताबिक पहले चरण का काम दीपोत्सव के बाद से शुरू होगा. जमीन अयोध्या के मांझा, मांझा तिहुरा, मांझा बरेहटा और शाहनेवाजपुर के गांवों में खरीदी गई है.
अयोध्या की नई आवासीय योजना में करीब पांच फाइव स्टार और 15 अन्य होटलों का प्रस्ताव है. कुछ शॉपिंग मॉल भी बनेंगे. इनकी जमीन को नीलामी से बेचा जाएगा. नव्य अयोध्या से सीधे रामजन्मभूमि पहुंच सकेंगे. यहां से रामजन्मभूमि की दूरी महज तीन किलोमीटर होगी. राष्ट्रीय राज्यमार्ग के दोनों तरफ आकार लेने वाली इस योजना को आपस में जोड़ने के लिए हाईवे को एलीवेट कर अंडरपास बनाया जाएगा. ग्रीन सिटी नव्य अयोध्या के ऊपर से एनएच-27 गोरखपुर-लखनऊ हाइवे जाएगा. हाईवे के नीचे दोनों ओर वैदिक सिटी बसेगी. एनएचएआई की इंजीनियरिंग टीम ने इस क्षेत्र में हाईवे की सड़क को ऊँचाई पर लिफ्ट करने की डिजाइन तैयार कर रही है.

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