अवधि भाषा तथा संस्कृति विषयक विचार गोष्टी का आयेजन
काठमांडू, 30 नोवेम्बर। आज नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान में स्व. प्रो रामनिवास पांडे की 20वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर अवधि भाषा तथा संस्कृति विषयक विचार गोष्टी का आयेजन किया गया । नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान भाषा (भाषा, कोश और व्याकरण) द्वारा शिक्षा तथा संस्कृति प्रवर्धन केंद्र के सहकार्य में एवं अवधि विकास परिषद नेपाल की सहभागिता में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री त्रैलोक्य मान बनेपाली ने किया। कार्यक्रम क़ा सुरुआत करते उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठान का मुख्य नारा ही है “सबै भाषा सबै ज्ञान, सबै को प्रज्ञा प्रतिष्ठान” और हम इसी सिद्धान्त पर चलतें हैं । मुख्य अतिथि प्रतिष्ठान के निमित कुलपति श्री विमल कृष्ण नेपाली (विमल निभा) थे ।
इस अवसर मुख्य कार्यपत्र श्री विक्रम मणि त्रिपाठी ने प्रस्तुत किया। उनके कार्यपत्र में अवधि नामकरण, अवध क्षेत्र की प्राचीनता, अवधिभाषी समाज, अवधि समाज की भाषा, अवधि भाषा भाषी क्षेत्र और जनसंख्या तथा धर्म मान्यता जैसे विषय को समेट कर 14 पेज का कार्यपत्र तैयार किया गया था ।
इसीतरह श्री मदन कुमार रिमाल जी ने स्व रामनिवास पांडेय जी के व्यक्तित्व तथा कृतित्त्व विस्तृत जानकारी दी ।
इस अवसर पर भारतीय विद्वान प्रो डॉ विमलेश कांति वर्मा ने अवधि भाषा पर प्रकाश डाला । उन्होंने कहा कि अवधि हिंदी की उन भाषाओं में से है जो विश्व भर हिंदी का सम्मान बढ़ाया है ।
इसकेबाद प्रमुख पुरातत्व अधिकृत राम बहादुर कुँवर जी ने कार्यपत्र पत्र टिप्पणी प्रस्तुत किया । अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये मुशलिम आयोग के सदस्य श्री मिर्जा अरशद वेग ने कार्यपत्र प्रस्तोता को सराहा । प्रतिष्ठान के सदस्य सचिव डॉ धन प्रसाद सुवेदी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन करके सभा समाप्ति हुई ।















