मण्टेश्वरी एशोसिएशन बाँके की छठवीं वार्षिकोत्सव की अवसर पर वनभोज
नेपालगन्ज / (बाँके) पवन जायसवाल । मण्टेश्वरी एशोसिएशन बाँके की छठवींं वार्षिकोत्सव की अवसर पर सम्मान सहित मैत्रीपूर्ण वन भोज कार्यक्रम की आयोजन पौष २१ गते शनिवार सम्पन्न हुआ ।
वह वार्षिकोत्सव की अवसर पर मैत्रीपूर्ण वन भोज कार्यक्रम डुडुवा गाउँपालिका वडा नं. ५ नानापुर स्थित सिद्धी विनायक लायन्स क्लब पार्क में आयोजन हुई थी ।
वह मण्टेश्वरी एशोसिएशन बाँके की अध्यक्ष दुर्गा बजगाई की अध्यक्षता में सम्पन्न वार्षिकोत्सव की अवसर पर बाँके जिला की विभिन्न १० मण्टेश्वरी स्कूल की शिक्षिकाओं को अध्यापन, क्रियाकलाप लगायत की आधार पर मण्टेश्वरी एशोसिएशन बाँके ने निर्धारण की मापदण्ड की आधार पर मूल्याङ्कन करके जिला भर के १८ मण्टेश्वरी स्कूल आवद्ध रही है जिस मध्ये १० मण्टेश्वरी स्कूल की शिक्षिकाओं को वह कार्यक्रम में उत्कृष्ट शिक्षिका ओं सम्मान किया गया था ।
वह अवसर पर सम्मानित शिक्षिकाऔं को एशोसिएशन के सल्लाहकार तथा वरिष्ठ पत्रकार पूर्णलाल चुके ने कदर–पत्र प्रदान करके सम्मान किया था । उन्हों ने वह अवसर पर अपनी बिचार रखते हुये आनेवाली दिनों में देश की कर्णधार आज के बालबालिकाओं की भविष्य निर्माण करना और वो लोगों की उज्वल भविष्य के लिये महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह करना सम्मानित शिक्षिकाओं को बधाई देते हुये माँ बाप सिर्फ तो जन्म देते हैं लेकि वो लोगों की पालनपोषण करना मात्र करते है आप लोगों ने तो वो बच्चों की उज्वल भविष्य बनाने की जैसी महत्वपूर्ण कार्य करते आ रही है बताया । वह कार्य एकदम सराहनीय रही है बताया ।
इसी तरह वह कार्यक्रम में मण्टेश्वरी एशोसिएशन बाँके जिला की संस्थापक अध्यक्ष लुना बुढाथोकी ने मण्टेश्वरी की शिक्षिकाओं ने बडी मेहनत की साथ शिक्षण विधि, पद्दति और सिखाई से बालबालिओं को पठन– पाठन करने की काम कर रही हैं । मण्टेश्वरी की सभी शिक्षिकाऔं ने उत्कृष्ठ काम कर रही हैं, लेकिन निर्धारित मापदण्ड अनुसार मूल्याङ्कन में उत्कृष्ठ नही हो सकी हैं तो किसी की मन में खिन्नता महसूस नकरके दूसरे वर्ष में उत्कृष्ठ होने की संकल्प करने की आग्रह की थी ।
वह कार्यक्रम में अध्यक्ष की आसन से मण्टेश्वरी एशोसिएशन बाँके की अध्यक्ष दुर्गा बजगाई ने मण्टेश्वरी की अवधारणा अनुसार की शिक्षण विधि, पद्दति और सिखाई से बालबालिकाओं को पठन– पाठन करानेवाली शिक्षिकाएँ मण्टेश्वरी स्कूल की मेरुदण्ड रही हैं बताते हुये उन्हों ने कहा बढी मेहनत और साधना जरुरी रही है बतायी । शिक्षिकाओं ने उत्कृष्ठ पठन पाठन करके अपना ब्राण्डिङ काम करने के लिये उन्हों आग्रह की थी । मारिया मण्टेश्वरी ने प्रतिपादन किया अवधारणा अनुसार की शिक्षण विधि, पद्दति और सिखाई से बालबालिओं को पठन पाठन कर सकती है कहते हुये मण्टेश्वरी चलाना जेसी कठिन और चुनौतीपूर्ण काम और दूसरी नही है बतायी ।
वह वार्षिकोत्सव पर “२०८० की उत्कृष्ट शिक्षिका” कदर पत्र से सम्मानित १० मन्टेश्वरी के शिक्षिकाओं को एशोसिएसन के सल्लाहकार पूर्णलाल चुके ने कदर– पत्र प्रदान करके सम्मान किया था । सम्मानित हुई शिक्षिकाओं में नोवेल प्रि मण्टेश्वरी कोहलपुर की शिक्षिका मीना शर्मा लुइँटेल, लिटिल होराइजन मन्टेश्वरी नेपालगन्ज की शिक्षिका मनदेवी पछाई, खुशी घर मन्टेश्वरी बैजनाथ की शिक्षिका गौरी राना, क्रियटिभ चिल्ड्रेन होम नेपालगन्ज की शिक्षिका ज्योति चौधरी, स्माल हेवन मण्टेश्वरी कोहलपुर की शिक्षिका रितु मल्ल, ग्रेस मण्टेश्वरी बैजनाथ की शिक्षिका बसन्ती घर्ती, बेवी ब्लुम मण्टेश्वरी की शिक्षिका उर्मिला चन्द, मोडर्न क्रियटिभ चिल्डे«न नेपालगन्ज की शिक्षिका मेनुका सिंह ठकुरी, द नेपालगन्ज पव्लिक मण्टेश्वरी नेपालगन्ज की शिक्षिका उमा प्रजापति और दोस्रो पाइला मण्टेश्वरी कोहलपुर की शिक्षिका खगीसरा शाही को कदर– पत्र प्रदान करके सम्मान किया था ।
वह कार्यक्रम में एशोसिएसन की सचिव खिमा थापा मगर ने सञ्चालन की थी वह कार्यक्रम की शुरु में एशोसिएसन के उपाध्यक्ष तथा वनभोज कार्यक्रम की संयोजक प्रभा थापामगर ने स्वागत भाषण की थी । कार्यक्रम में करीब ४५ शिक्षिकाओं की की सहभागिता रही थी ।
“बालबालिका की पहली प्राथमिकता मण्टेश्वरी विधि में केन्द्रित रहना है” मूल नारा को आत्मसात करते हुये मण्टेश्वरी पद्दति की विकास और प्रवद्र्धन करने की उद्देश्य से वि.सं. २०७४ साल पौष २१ गते को बाँके में संस्थागत रुप में “मण्टेश्वरी एशोसिएशन बाँके” की गठन की गई थी ।
सम्मानित हुई उत्कृष्ट शिक्षिकाओं मध्ये से नोवेल प्रि मण्टेश्वरी कोहलपुर की शिक्षिका मीना शर्मा लुइटेल, स्माल हयावेन मण्टेश्वरी कोहलपुर की शिक्षिका रितु मल्ल, बेवी ब्लुम मण्टेश्वरी की शिक्षिका उर्मिला चन्द, खुशी घर मन्टेश्वरी बैजनाथ की शिक्षिका गौरी राना ने अपनी अपनी बिचार की साथ शुभकामना मन्तव्य व्यक्त की थी ।






