नेपाली सेना का बंद कपड़ा फैक्ट्री चलाने में दिलचस्पी
काठमांडू: 2फ़रवरी 24
बंद उद्योगों को फिर से शुरू करने की प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद नेपाल की सेना खेती के बाद अब कपड़ा फैक्ट्री चलाना चाहती है। नेपाल की सेना पहले ही कई बिजनस में शामिल है। इनमें पेट्रोलियम प्रॉडक्ट से लेकर पीने का बोतलबंद पानी तक बेचती है। अब नेपाली सेना कपड़ा फैक्ट्री भी चलाना चाहती है जिसको लेकर विवाद शुरू हो गया है। विशेषज्ञों ने नेपाली सेना की इस योजना का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि नेपाली सेना पाकिस्तानी आर्मी की राह पर बढ़ रही है जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। नेपाल की यह कपड़ा फैक्ट्री लंबे समय से बंद है और अब उसे सेना शुरू करना चाहती है। हेटौडा कपड़ा उद्योग में 25 साल से काम नहीं हो रहा है। इस फैक्ट्री को 4 साल पहले पूरी तरह से बंद कर दिया गया था।
बुधवार को सेना ने प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड को कपड़ा उद्योग को फिर से शुरू करने की योजना के बारे में बताया। इसे ‘बीमार उद्योग’ बताया गया है और इसकी मशीनों और जमीन की देखरेख नेपाल सरकार करती है। नेपाल की सेना बिजनस में अनावश्यक तरीके से बड़े पैमाने पर शामिल होती जा रही है। नेपाली सेना सड़क निर्माण, स्कूल, मेडिकल कॉलेज भी चलाती है। इससे कमाई करती है। इसको लेकर नेपाली सेना की कड़ी आलोचना होती रही है। इसमें काठमांडू-तराई फास्ट ट्रैक भी शामिल है जो कई साल पीछे चल रहा है और इसको लेकर सेना की खिंचाई हो चुकी है।

