कलाकार सृजन और संस्कृति के संवाहक हैं :राष्ट्रपति पौडेल
काठमांडू. 5 फरवरी24
राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने कहा है कि नेपाली लोक जीवन, मौलिकता का विकास, विस्तार और नेपाली संगीत को संरक्षित किया जाना चाहिए।
आज शीतलनिवास में नातिकाजी मेमोरियल सोसाइटी द्वारा आयोजित नातिकाजी राष्ट्रीय संगीत पुरस्कार और पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति पौडेल ने कहा कि नेपाली संगीत का अपना वातावरण, मूल धुन, विशिष्ट शैली और विभिन्न जातीय समूहों के वाद्ययंत्रों, वाक्यांशों, गीतों, संगीत का महत्व है। और इसकी बुनियाद पर नेपाली राष्ट्रीय संगीत का विकास हो रहा है।उन्होंने अपने विचार व्यक्त किये।
उन्होंने कहा, ”सृजन राष्ट्र की धरोहर है, संस्कृति राष्ट्र की पहचान है और कलाकार राष्ट्र की अनमोल निधि हैं.” उन्होंने कहा, ”कलाकार सृजन और संस्कृति के संवाहक हैं, कलाकार की साधना से बनाई गई रचना ही पहचान स्थापित करती है राष्ट्र का।”
उन्होंने कहा कि नेपाल की भौगोलिक विविधता और सांस्कृतिक विशिष्टता दुनिया में एक अलग पहचान है और इसकी बहुजातीय, बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक विशेषताएं दुनिया में एक मॉडल हैं और कहा कि नेपाली समाज की विविधता को एकजुट करने में मदद मिली है। इन लोक संस्कृतियों, गीतों और संगीत से नेपाली समाज सजा हुआ है ।
राष्ट्रपति पौडेल ने याद किया कि नेपाली लोक भाषा का अनुसरण करके नेपाली आधुनिक गीत संगीत के निर्माण में नातिकाजी का योगदान अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि जिस रचनाकार ने अपना पूरा जीवन नेपाली गीत-संगीत के क्षेत्र में बिताया है, उसे राज्य स्तर से भी उचित महत्व देना नेपाली राष्ट्रीय हित की बात है।
समारोह में नातिकाजी स्मृति समाज के अध्यक्ष शंभूजीत बास्कोटा ने कहा कि इस सम्मान से कला क्षेत्र को और प्रेरणा मिली है. उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य को रचनाकारों के नाम पर पुरस्कार भी स्थापित करने चाहिए और नई प्रतिभाओं और राष्ट्र की समग्र प्रतिभा को प्रेरणा प्रदान करनी चाहिए।
अध्यक्ष बास्कोटा ने इस बात पर जोर दिया कि इस मामले में एक अच्छे कानून की जरूरत है क्योंकि रचनाकारों की कृतियों की सुरक्षा नहीं हो पा रही है और देश के रचनाकारों को उचित रॉयल्टी नहीं मिल पा रही है.
नातिकाजी राष्ट्रीय प्रतिष्ठित संगीत पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ गीतकार आनंद अधिकारी, वरिष्ठ वाद्यवादक केशव सुनाम, वरिष्ठ गीतकार भूषण खरेल, वरिष्ठ गीतकार सुनील थापा, वरिष्ठ पारंपरिक वाद्ययंत्रवादक धर्म मुनिकर, वरिष्ठ गायक सुदेश शर्मा, वरिष्ठ वाद्ययंत्रवादक कुमार सिंह और सुवर्णा लिम्बु, वरिष्ठ गीतकार राम भट्टाराई और वसन्त वित्यासी थापा को दिया गया।
इसी तरह, नातिकाजी राष्ट्रीय संगीत पुरस्कार गीतकार विजय शिवकोटी, संगीतकार राजनराज शिवकोटी, गायक शिशिर योगी और बनिका प्रधान को प्रदान किया गया।
इसी तरह, नातिकाजी राष्ट्रीय प्रतिभा पुरस्कार गायक संजय टुम्रोक , गायिका रचना रिमाल, संगीतकार शशिविक्रम थापा, गीतकार प्रकाश मिश्रा और नातिकाजी राष्ट्रीय लोक संगीत पुरस्कार लोक गायक अमृत खाती को और नातिकाजी राष्ट्रीय कला पत्रकारिता पुरस्कार शांति प्रिया और कृष्णा भट्टराई को दिया गया।


