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न पुत्र मिला ना न्याय

 

nandpdकाठमाडू, अाश्विन ६ । अपने छोटा पुत्र कृष्ण प्रसाद अधिकारी के हत्यारा के उपर कारबाइ किये जाने की माग करते हुये ३३२ दिनों से आमरण अनशन पर वैठे  नन्दप्रसाद अधिकारी ने आज ५ बजे अपना प्राण त्याग दिया । उनके साथ उनकी पत्नी गंगामाया भी आमरण अनशन पर बैठी हैं । उनकी भी अबस्था चिन्ताजनक बतायी जाती है ।  नेपाल के  ईतिहास इतना लम्बा समय तक कोइ नही अनसन पर बैठा था । हत्यारा को कारबाइ की माँग करते हुये  अनशन करके जीवन ही त्याग करने का नेपाल मे ही यह पहला घटना हो सकता है ।
वीर अस्पताल मे उपचारर्थ रखे गये अधिकारी का आज सोमबार  साम मे निधन होने कीजानकारी वीर अस्पताल के निर्देशक डा. बुलन्द थापा ने दी है । उनका शव लेने के लिये उनका कोइ भी सम्बन्धी नही आया है । उनका शव अभी पोष्टमार्टम के लिये शिक्षण अस्पताल लाया गया है । अधिकारी दम्पती को आमरन अनशन के दौरान देशके प्रधानमन्त्री एवम् पूर्व प्रधानमन्त्रीगण अस्पताल जाकर उन्हे अनशन तोड्ने का आग्रह किया था ।

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लेकिन वे न्याय का मांग करते हुये कइबार अनसनपर वैठे। न्याय मांगते हुये प्रधानमन्त्री के निवास के आगे सत्याग्रह पर भी वैठे। आस्था और न्याय के लिये निशस्त्र लडाई लडरहे यह जोडी सोमवार से सदा के लिये अलग हो गया है। इसतरह इन्ह न पुत्र मिला और ना न्याय ही ।

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