कैलाश सिरोहिया की गिरफ्तारी को लेकर नेपाल में चौतर्फि निंदा
काठमांडू, जेठ ९ – कान्तिपुर मीडिया ग्रुप के अध्यक्ष कैलाश सिरोहिया की गिरफ्तारी को लेकर नेपाल में चौतर्फि निंदा हो रही है ।
कैलाश सिरोहिया को उनके कार्यकक्ष से ही गिरफ्तार करने की घटना को लेकर कहा जा रहा है कि उपप्रधान एंव गृहमन्त्री रवि लामिछाने का यह प्रतिशोधपूर्ण कदम है । सरकार के इस कदम का सञ्चारसम्बद्ध संघसंस्था, पत्रकार और मानवअधिकारवादी ने इसकी भर्त्सना की है ।
नेपाल पत्रकार महासंघ ने इस घटना को लेकर कहा है कि अध्यक्ष सिरोहिया की गिरफ्तारी प्रतिशोधात्मक है ।
महासचिव रोशन पुरी द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि ‘सरकार के उपप्रधान तथा गृहमन्त्री रवि लामिछाने पर लगे विभिन्न आरोप के सन्दर्भ में निरन्तर समाचार फलोअप करती आई कान्तिपुर दैनिक, उसके सम्पादकीय नेतृत्व तथा समग्र सञ्चार क्षेत्र को लाञ्छित कर लामिछाने द्वारा दिए गए अभिव्यक्ति से अध्यक्ष सिरोहिया को गिरफ्तार करने की घटना प्रतिशोधपूर्ण होने की पुष्टि हुई है ।
इसी तहर महासंघ अध्यक्ष विपुल पोखरेल ने भी कहा है कि कार्यकक्ष से ही सिरोहिया को गिरफ्तार कर ले जाना राज्य आतंक को दिखाता है । उन्होंने कहा कि किसी के कार्यकक्ष से जबरदस्ती गिरफ्तार करना राज्य का सही चरित्र नहंि दिखाता है ।
सामुदायिक रेडियो प्रसारक संघ (अकोराब) नेपाल ने भी कहा है कि ‘किसी भी आरोप के बारे में राज्य की निकाय को छानबीन करना चाहिए एसमें कोई दो मत नहीं है लेकिन इस घटना ने कुछ गम्भीर शंका को जन्म दिया है । अकोराब ने कहा है कि ‘एक स्वतन्त्र पत्रकारिता संस्था के प्रमुख को इस तरह अनावश्यक रूप में जेल में रखना निन्दनीय कदम है । स्वतन्त्र पत्रकारिता प्रजातन्त्र की आधारशिला है । संचार जगत को निर्भीक और स्वतन्त्र रूप में अपना काम करने देना चाहिए । अकोराब ने सरकार से आग्रह किया है कि संचार जगत को निर्भिक रुप से अपना काम करने दें ।
सिरोहिया की गिरफ्तारी प्रति समाजवादी प्रेस संगठन ने भी आपत्ति जताई है । संगठन के अध्यक्ष विश्वमणि सुवेदी ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि उपप्रधान तथा गृहमन्त्री रवि लामछाने के सहकारी धोखाधड़ी, दोहरी नागरिकता और पासपोर्ट तथा अन्य विषय में निरन्तर समाचार प्रवाह करने के कारण सरकार ने कान्तिपुर से इस रुप में प्रतिशोध लिया है ।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि ‘इस घटना ने सञ्चार क्षेत्र पर विगत में पञ्चायत तथा शाही सत्ता ने भी इस तरह की बर्बरतापूर्ण व्यवहार प्रदर्शन करने की हिम्मत नहीं की थी । ‘गृहमन्त्री के अनगिनत अपराधजन्य गतिविधि को दबाने के लिए इस तरह की हरकत की गई है इसमें कोई शंका नहीं है । हमारी संगठन सिरोहिया के तत्काल रिहाइ तथा प्रेस क्षेत्र पर सिर्जना किए गए भयपूर्ण वातावरण के अन्त के लिए सरकार से मांग करती है ।
इसी तरह नेपाल पत्रकार महासंघ कान्तिपुर प्रतिष्ठान शाखा ने भी इस घटना को लेकर गम्भीर ध्यानाकर्षण करते हुए कहा है कि – सिरोहिया को गिरफ्तार करना एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है ।
नेपाल मीडिया सोसाइटी ने भी इस घटना को लकेर कहा है कि अध्यक्ष सिरोहिया को गिरफ्तार करना बहुत गलत है । हम इसकी घोर निन्दा और भर्त्सना करते हैं । ‘कान्तिपुर ने प्रमुखता के साथ समाचार बनाने के संदर्भ में गृहमन्त्री लामिछाने ने बार–बार सार्वजनिक रूप में चेतावनी देते हुए कहते आ रहे थे कि दिखा दूँगा । कहीं न कहीं यह गिरफ्तारी प्रतिशोध को ही इंगित करती है ।
इसी तरह राष्ट्रीय मुक्ति क्रांति केन्द्रीय कार्यालय काठमांडू ने भी इस घटना को लेकर घोर आपत्ति जताई है । इस घटना को लेकर तैयार विज्ञप्ति में कहा गया है कि सिरोहिया पर जो आक्रमण किया गया उसका राष्ट्रीय मुक्ति कान्त्ति घोर भत्र्सना करती है और सरकार से आग्रह किया है कि गिरफ्तार सिरोहिया को बिना शर्त जल्द से जल्द रिहा करें । साथ ही उन्होंने जोरदार अपील की है कि सहकारी धोखाधड़ी तथा दोहरी पासपोर्ट के मामलो को देखते हुए गृहमंत्री को निलंबित किया जाए ।
इसी तरह वरिष्ठ पत्रकार किशोर नेपालले सरकार ने कान्तिपुर मीडिया ग्रुप के अध्यक्ष कैलाश सिरोहिया को लेकर कहा है कि ये तो हद हो गई । सरकार ने कैलाश सिरोहिया को गिरफ्तार कर अच्छा काम नहीं किया है । उन्होंने कहा कि सरकार कैलाश विरुद्ध की कारवाई वापस ले ।
इसी तरह ‘द काठमान्डु पोस्ट के पूर्वसम्पादक सञ्जीव सत्गैंया ने कहा है कि ‘जो हो रहा है अच्छा नहीं हो रहा है ।


