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बिजुक्छे ने कहा देश कीे एकता को मजबूत करनेके लियें सन्तुलित विकास जरुरी

 

2नेपालगञ्ज,(बाँके) पवन जायसवाल,  २२ गते असोज ।
नेपाल मजदूर किसान पार्टी बाँके जिला समितिद्वारा नेपालगन्ज में  असोज २२ गते बुद्धवार को पत्रकार भेटघाट कार्यक्रम का आयोजन  किया गया ।
कार्यक्रम में नेपाल मजदुर किसान पार्टी  केन्द्रीय अध्यक्ष नारायणमान बिजुक्छें (रोहित)नें बोल्ते हुयें कहा  संविधान के विवादित विषय पर जनता के बीच में बातचीत करने में लगे है   ।
उन्हों ने कहा संविधान ने देश की भविष्य लिखने जा रही है इस लियें ऐसा संवेदनशील विषयों पर एकदम जल्दबाजी नकरें सोंच बिचार करके काम करें क्यों नेपाली जनताओं की भविष्य बनाने जा रहे हैं इस लियें सभी क्षेत्र, समुदाय, को मिलाकर बनाने  के लियें बताया ।   ‘प्यास लगी है तो  विष पीना नही चाहिए’, उन का कथन था ।
नेपाल मजदुर किसान पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष नारायणमान बिजुक्छें (रोहित) ने संविधान निर्माण करने की  समय सीमा तैय करने की अधिकार केवल कांग्रेस, एमाले और एमाओवादी को नही बताया ।
जातीय और भाषा के आधार में आत्मनिर्णय का अधिकार सहित संघराज्य बनाया गया तो इस देश में जातीय और भाषा का विद्वेष फैल सकता है  और विखण्डन होने का  खतरा है उन्हों ने अपनी धारणा ब्यक्त किया ।  ‘युगोस्लाभिया सात टुक्रा में विभाजित हुआ, चेकोस्लोभाकिया टुकडा होकर चेक गणतन्त्र और स्लोभाकिया बना और अभी जल्द ही युक्रेन से क्रिमिया अलग हुआ इतिहास से हम लोगों को पाठ सीखना पडेगा, उन्हों ने बताया ।
केन्द्रीय अध्यक्ष बिजुक्छे ने कहा देश कीे एकता को मजबूत बनाने के लियें और सन्तुलित विकास करने के लियें नेपाल मजदुर किसान पार्टी  ने भूगोल के आधार में प्रत्येक प्रदेश में हिमाल, पहाड और तराई होनेवाला चौध प्रदेश बनाने की प्रस्ताव किया कार्यक्रम में  खुलस्त किया । स्थानीय निकाय को स्वायत्तता की अधिकार देकर विभिन्न भाषा, जात जाति और संस्कृति को संरक्षण, प्रवद्र्धन करना चाहिए उन का कहना था ।
‘भाषा, साहित्य और संस्कृति ही वास्तव में देश की सम्पति है’, उन्हों ने बताया, ‘ स्थानीय स्तर में भाषा,  जात जाति और संस्कृति की उत्थान के  लियें अलग–अलग प्रतिष्ठान  बनाना पडेगा ।’
पत्रकारों के सवालों पर जवाफ देते हुयें अध्यक्ष बिजुक्छें ने ४ दलीय संयन्त्र आवश्यक नही है जिकिर किया । जनताओं से निर्वाचित सार्वभौम संविधानसभा संसद रहे है  स्पष्ट करते हुयें उन्हें ने संयन्त्र के नाम में ४ दलीय निरंकुशता स्वीकार्य कदापी नही होगी बताया । संयन्त्र के  जगाह पर सर्वदलीय बैठक बोलाकर समस्या समाधान के लियें आगे बढ्ने के लियें सुझाव दिया ।
शासकीय स्वरुप के सम्बन्धों  में पूछा गया सवालों में अध्यक्ष बिजुक्छें ने जनताओं से प्रत्यक्ष निर्वाचित राष्ट्रपति और उन के अनुकूलता में विशेषज्ञों की सम्मिलित मन्त्रीमण्डल कीे व्यवस्था करें नेमकिपा की दृष्टिकोण रही हैे खुलस्त किया । उन्ह“ ने सा“सद मन्त्री बन न पाने की  व्यवस्था से देश और जनताओं  की हित में ऐन कानून बनाने वाले सा“सद लोग भी केन्द्रीत रहे और भ्रष्टाचार में कमी होने पर विश्वास व्यक्त किया ।
3माओवादी और मधेसवादी दलों के संघीयताविना देश नही चलेगी भ्रम फैला रहे है  चर्चा करते हुयें अध्यक्ष बिजुक्छें ने देश संघीयता में जाने में  विकास नही होगी और प्रजातन्त्र मजबूत नही होगी स्पष्ट किया था ।  ‘समाजवादी देशों में चीन, प्रजग कोरिया और क्युवा में संघीयता नही लेकिन ए देशों में समृद्ध और जनता सुखी है’, उन्हों ने बताया  । उन्हों माक्र्स और ऐंगेल्स ने कही“ भी संघीयता उल्लेख नही किया स्पष्ट  करते हुयें  माक्र्सवाद संघवाद नही है बताया ।
दूसरे प्रसंग में अध्यक्ष बिजुक्छें ने नेपाल में भारतीय सरकार विरोधी भावना बढा है निजी कम्पनीया“ के मार्फत नेपाल के कर्णाली नदी अपने नियन्त्रण में लेने के लियें  षड्यन्त्रपूर्वक भारत ने उपर की कर्णाली परियोजना की आयोजना विकास सम्झौता (पीडीए) किया बताया ।  ‘संसदों छलकर लगानी बोर्डमार्फत सम्झौता करना जनता को  धोखा देना है ’, उन्हों बताया ।
एमाओवादी ने संसद अवरुद्ध करके भारत से उपर की कर्णाली परियोजना को सम्झौता कराके अपना भी एमाले और कांग्रेस के साथ देशघाती हुयें कहके पुनः प्रमाणित किया  उन्हों ने स्पष्ट किया  ।

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