अमेरिका का संदन्दीप को वीजा नहीं देना…देश का अपमान–ज्ञानबहादुर शाही
काठमांडू, जेठ २१– अमेरिका का सन्दीप को वीजा नहीं देना देश का अपमान है । लेकनि हमारे देश के प्रधानमंत्री को झन्डा लहराते चलते हैं क्या उन्हें शर्म नहीं आती ।?’
सन्दीप लामिछाने को ट्वान्टी–२० विश्वकप क्रिकेट खेलने के लिए वीजा नहीं दिया है अमेरिका ने इस विषय को लेकर संसद् की बैठक में प्रश्न किया गया है । राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा) के प्रमुख सचेतक ज्ञानबहादुर (ज्ञानेन्द्र) शाही ने उक्त विषय को उठाया है ।
यह विषय प्रतिनिधिसभा की बैठक में परराष्ट्र नीति वाचन कर रहे शाही ने कहा कि सन्दीप का वीजा नहीं मिलना पूरे देश के का अपमान है । सांसद शाही का कहना था कि संसार में पहचान दिलाते हैं खिलाड़ी और कलाकार । इस अवस्था में सन्दीप का वीजा नहीं देने वाले अमेरिका ने पूरे देश का अपमान किया है ।
उन्होंने कहा कि नेपाल के पराष्ट्र नीति में समेत प्रश्न किया है कि किस आधार पर परराष्ट्र नीति बनाई गई है ? पार्टी के कार्यकर्ता के मेनिफेस्टो या पञ्चशीलता के आधार में ?”
सांसद शाही ने कहा कि नेपाल का अपमान हुआ है । उन्होंने खेलकूद, पराष्ट्रमन्त्री और मन्त्रालय की नैतिकता में प्रश्न उठाया । उन्होंने कहा कि “अदालत न्याय देती है, क्यान नाम भेजती है, आईसीसी स्वीकृत देती है लेकिन, खिलाड़ी को वीजा नहीं मिलता है । और हमारे देश के प्रधानमन्त्री और मन्त्री देश का झन्डा हरलाते हुए चलते हैं उन्हें शर्म नहीं आती । ?,” उन्होंने कहा कि “मन्त्री केवल स्टंट करते हैं । ?”


