मगही भाषा शव्द कोष का हुआ लोकार्पण

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर । सोमवार को जनकपुरधाम के गायत्री सेवा सदन सभाकक्ष में भुवनेश्वर महतो कोईरी लिखित पुस्तक आधुनिक मगही भाषा शव्द कोष को लोकार्पण एक समारोह के बीच किया गया।इस लोकार्पण समारोह के प्रमुख अतिथि मधेश प्रदेश के वित्त (अर्थ) मंत्री भरत प्रसाद साह थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भाषा की कोई सीमा नहीं होती है।हर पांच कोस पर भाषा बदल जाती है। बिहार तथा मधेश में भी बड़ी संख्या में लोग मगही भाषा बोलते हैं। लेकिन उसे मैथिली भाषा का ही अपभ्रंश मानकर मैथिली विद्वान भ्रमित कर रहे थे। लेकिन अव मगही भाषा के प्रति लोग सजग हुए हैं। मगही भाषा में भी कथा, कविता लिखना मगही साहित्यकार प्रारंभ किए हैं। मगही भाषा में शव्द कोष का अभाव था। लेकिन भुवनेश्वर महतो ने पुस्तक प्रकाशित कर इन बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया है। मगही शब्द को नेपाली, अंग्रेजी में रूपांतरित करने से समझने में और सहज होगा। उन्होंने कहा सरकार से इस भाषा के संवर्धन के लिए हर संभव प्रयास करूंगा।
पुस्तक के लेखक भुवनेश्वर महतो कोईरी ने कहा कि आसमान नेपाल के सहयोग से प्रकाशित मगही भाषा शव्द कोष को अगले संस्करण में और शव्द को समावेश कर विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने प्रमुख अतिथि से आग्रह किया कि मगही भाषा के विकास के लिए मधेश सरकारसे उचित पहल का प्रयास करवावें।
लोकार्पण समारोह में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।




