मेरे मंत्री पद पर रहने से जाँच में कोई बाधा नहीं आएगी – गृहमंत्री लामिछाने
काठमांडू, असार १४ – उपप्रधान एवं गृहमन्त्री रवि लामिछाने ने कहा कि उनके पद में रहने के कारण सहकारी धोखाधड़ी प्रकरण के अनुसन्धान में किसी तरह का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा ।
अपने विरुद्ध सर्वोच्च अदालत में परे रीट निवेदन का लिखित जवाब पेश करते हुए गृहमन्त्री लामिछाने ने सहकारी के नियमन और अनुगमन के विषय में गृहमन्त्रालय के क्षेत्राधिकार नहीं होने से ‘स्वार्थ का द्वन्द्व’ नहीं होने का जिक्र किया । उन्होंने कहा कि ‘मैं गृहमन्त्री की हैसियत में मन्त्रालय और उनके निकाय को दिए निर्देशन अनुसार अपना–अपना काम कारवाई करने की अवस्था है’ उन्होंने सर्वोच्च अदालत में लिखित जवाब पेश करते हुए कहा कि ‘कार्यक्षेत्र के बाहर का सहकारी सम्बन्धी विषय में गृह मन्त्रालय का स्वार्थ नहीं होता है ।’
उन्होंने इस बात पर आपत्ति जताई है कि सहकारी जांच से संबंधित कुछ रिपोर्टों में उनका नाम प्रतिवादी के रूप में शामिल किया गया है
उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जताई है कि उनके गृह मंत्री बनने से पहले ही इस मामले की जांच के लिए मुद्दा दायर की गई थी । और जांच में उनका नाम जोड़कर निलंबन की मांग की गई थी । उन्होंने अपने लिखित जवाब में कहा है कि – कानूनी व्यवस्था अनुसार अनुसन्धान कर्ताओं को दिए गए अधिकार और कर्तव्य में मन्त्री प्रभाव डाल सकता है । यह कहना ही कानून पर अविश्वास करने जैसा है । उन्होंने इस बात पर जो दिया कि मेरे मंत्री पद पर बने रहने से जाँच में कोई बाधा नहीं आएगी ।


