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चुरे क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र घोषणा करें सरकार – मनिष झा



काठमांडू, असार १४ – सत्ता साझेदार दल राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के सांसद मनिष झा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि कम से कम मधेश में चुरे क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र घोषित करें ।
आज प्रतिनिधि सभा की बैठक में बोलते हुए झा ने कहा कि चुरे को २०७१ साल में वातावरण संरक्षण क्षेत्र घोषित किया गया था लेकिन ये घोषणा पर्याप्त नहीं है । इसलिए सरकार कम से कम मधेश प्रदेश में पड़ने वाले चुरे क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र घोषित करें ।

‘उन्होंने कहा कि तराई के लिए चुरे भूमिगत जलभण्डार का काम करता है । इस कारण यह अति आवश्यक है ।
झा ने कहा कि पूर्व के इलाम से लेकर पश्चिम के कञ्चनपुर तक के ३३ जिला का कोई न कोई भूभाग चुरे क्षेत्र को कवर करता ही है । ऐसे में अनावश्यक दोहन के कारण तराई में पानी सप्लाई कमजोर बनाता जा रहा है । इसलिए संरक्षण की मांग कर रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि ‘चुरे का क्षेत्रफल १२.७८ प्रतिशत है । चुरे क्षेत्र ३८ जिला और १३७ स्थानीय तह में फैला हुआ है । तराई के कुल जनसंख्या का ६० प्रतिशत लोग इसके रहते हैं । तराई में पानी के लिए चुरे बहुत बड़ा आधार है । चुरे के साथ इनकी दैनिकी आवश्यकता है । ’
२० संरक्षित क्षेत्र में से ७ का प्रत्यक्ष सम्बन्ध चुरे से है । इसी तरह १ हजार ९१८ जीवजन्तु में से १ हजार ३०८ प्रजाती चुरे और तराई क्षेत्र में पाया जाता है, साथ लुप्त हो रहे ४९३ प्रजाती में से ३१९ प्रजाती के जीवजन्तु भी उसी क्षेत्र में पाए जाते हैं ।
चुरे संरक्षण के लिए ०७३÷०७४ से लेकर हाल तक सरकार ने ८ खरब ५२ अरब विनियोजन किया लेकिन इसका कुछ खास प्रभाव नहीं हो पाया ।



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