कांग्रेस और एमाले संघीयता और समावेशी व्यवस्था के विरुद्ध अग्रसर हैंः महिन्द्र राय यादव

काठमांडू, ९ जुलाई । प्रतिनिधिसभा सदस्य (सांसद्) महिन्द्र राय यादव ने कहा है कि कांग्रेस और एमाले मिलकर संघीयता और समावेशी राज्य व्यवस्था के विरुद्ध दिखाई दे रहे हैं । उन्होंने प्रश्न किया है कि कई यह दो पार्टी मिलकर नयी व्यवस्था खारीज तो नहीं करेंगे ? आज आयोजित प्रतिनिधिभा बैठक (आकस्मिक समय) में बोलते हुए उन्होंने कहा है कि दो बड़े पार्टी मिलकर संविधान संशोधन की बात कर रहे हैं, जिसने ऐसी आशंका उत्पन्न किया है ।
सांसद् यादव ने कहा है कि कांग्रेस और एमाले मिलकर जिसतरह संविधान संशोधन के लिए बात कर रहे है, उन लोगों की इरादा सही नहीं है । उनका यह भी मानना है कि देश को दो पार्टी पद्धती में ले जाने की षड्यन्त्र भी हो सकता है । उन्होंने कहा– ‘संविधान संशोधन कर देश को दो पार्टी पद्धती में ले जाया जाता है और थ्रेसहोल्ड सीमा को बढ़ाया जाता है तो क्या यह सह्य है ?’ उनका मानना है कि समानुपातिक व्यवस्था को कमजोर बनाने के लिए कांग्रेस–एमाले समानुपातिक थ्रेसहोल्ड संबंधी व्यवस्था को परिवर्तन करना चाहते हैं ।
सांसद् यादव का कहना है कि अगर संविधान में संशोधन ही करना है तो सिर्फ दो पार्टी आपस में मिलने से नहीं होगा, इसके लिए सर्वदलीय और सर्वपक्षीय सहमति भी आवश्यक है । उन्होंने कहा– ‘कांग्रेस और एमाले के बीच संविधान संशोधन के लिए सहमति हुई है । अब आशंका है कि कई संघीयता और समानुपातिक व्यवस्था को ही तो नहीं हटाया जाएगा ? इसीलिए संविधान में संशोधन करना ही है तो सिर्फ दो दल की सहमति मान्य नहीं है, इसके लिए सर्वदलीय और सर्वपक्षीय सहमति आवश्यक है ।’

