संकट में मधेश सरकार, मंत्रालय को लेकर हो रहा विवाद
काठमांडू, असार २५ – मधेश प्रदेश सरकार के मुख्यमन्त्री सतिश सिंह के विश्वास मत प्राप्त करने के बाद ही सरकार पर संकट उत्पन्न हो गया है ।
मन्त्रालय के बँटवारे को लेकर बात नहीं मिल पा रही है जिसकी वजह से जनमत पार्टी नेतृत्व के सरकार का विकल्प खोज रही है । मधेश प्रदेश के कांग्रेस, लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी और एमाले ने इस विषय में चर्चा कर रहे हैं । कांग्रेस ने अर्थ मन्त्रालय सहित चार और लोसपा दो मन्त्रालय की मांग कर रही है । लेकिन जनमत पार्टी का कहना है कि वह कांग्रेस को अर्थ के अलावे तीन और लोसपा को एक मन्त्री और एक राज्यमन्त्री देगी । कांग्रेस और लोसपा जनमत के इस प्रस्ताव को मानने के पक्ष में नहीं हैं । दोनों ही दल अपने–अपने अडान में हैं । परिणाम स्वरुप मधेश का विवाद केन्द्र में आ चुका है ।
केन्द्र में एमाले के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली, कांग्रेस के सभापति शेरबहादुर देउवा और लोसपा के अध्यक्ष महन्थ ठाकुर के बीच में चर्चा हो रही है ।
जनमत पार्टी के मधेश प्रदेश सांसद एवं संसदीय दल के नेता महेश यादव ने बताया कि मन्त्रालय की सङ्ख्या में विवाद नहीं है । मुख्य विवाद है अर्थ मन्त्रालय का । जिसके नेतृत्व में सरकार रहेगी उसके साथ ही अर्थ मन्त्रालय रहने की परम्परा विगत से ही चली आ रही है । इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जनमत के नेतृत्व में सरकार है तो अर्थ मन्त्रालय जनमत के ही पास रहेगा । उन्होंने इस बात का भी स्मरण कराया कि विगत में जसपा नेपाल की मधेस सरकार का नेतृत्व करते हुए उसने भी अर्थ मन्त्रालय अपने ही पास रखा था और उस समय किसी भी दल ने इसका विरोध नहीं किया । उन्होंने कहा कि ये बहुत बड़ी बात नहीं है बात मिल जाएगी । केन्द्र से इस विषय में बहुत ही जल्द निष्कर्ष निकाला जाएगा ।
इसी बीच कांग्रेस के प्रदेश संसदीय दल के नेता कृष्ण यादव ने कहा कि सहमति अनुसार अगरबात नहीं बढ़ी तो विकल्प की तलाश की जाएगी । उन्होंने कहा कि –हमने अर्थ मन्त्रालय सहित चार मन्त्रालयों की मांग की है, इसमें हमारी सहमति थी लेकिन अभी मुख्यमन्त्री नहीं मान रहे हैं । उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि अर्थ मन्त्रालय नहीं मिला तो हम सरकार में नहीं जाएंगे । और यदि आवश्यकता हुई तो जनमत सरकार के विकल्प का तलाश करेगी ।
अभी के मधेस सरकार में जनमत और एमाले के मन्त्री हैं । सरकार विस्तार नहीं कर पाए मुख्यमन्त्री सतिश सिंह ने ६ मन्त्रालय की जिम्मेदारी स्वयं रख ली है ।


