मधेश प्रदेश के मुख्यमन्त्री विरुद्ध कांग्रेस, एमाले और लोसपा के नेतागण काठमांडू में

काठमांडू, १० जुलाई । मधेश प्रदेश के मुख्यमन्त्री सतीश कुमार सिंह के विरुद्ध नेपाली कांग्रेस, नेकपा एमाले और लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा) के नेता काठमांडू आ गए हैं । मुख्यमन्त्री सिंह जनमत पार्टी के हैं, उनके ऊपर आरोप है कि सरकार निर्माण से पहले अन्य राजनीतिक दलों से हुई सहमति कार्यान्वयन नहीं किया है । मुख्यमन्त्री विरुद्ध शिकायत लेकर काठमांडू आनेवाले प्रदेश स्तरीय नेताओं ने मंगलबार और बुधबार दो दिन में कांग्रेस, एमाले और लोसपा के शीर्ष नेताओं से भेंट किया है और कहा है कि मुख्यमन्त्री सिंह सहमति कार्यान्वयन नहीं कर रहे हैं ।
सत्ता गठबन्धन परिवर्तन होने के बाद मुख्यमन्त्री सिंह ने आषाढ़ २२ गते प्रदेशसभा में विश्वास का मत लिया था । संघीय सरकार में नेपाली कांग्रेस और नेकपा एमाले के बीच सत्ता गठबन्धन हो रहा है, कांग्रेस और एमाले बीच सहमति होने के बाद कहा गया कि मधेश प्रदेश में मुख्यमन्त्री सिंह को ही निरन्तरता दी जाएगी । नेपाली कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि आषाढ़ २२ गते से पहले अर्थ मन्त्रालय कांग्रेस को देने के लिए मुख्यमन्त्री सिंह तैयार थे, इसके लिए मौखिक सहमति भी हुई थी, लेकिन आज आकर मुख्यमन्त्री सिंह सहमति से भाग रहे हैं ।
नेपाली कांग्रेस मधेश प्रदेश संसदीय दल के नेता कृष्णप्रसाद यादव के अनुसार कांग्रेस, एमाले, जमनत और लोसपा के बीच मन्त्रालय बांटवारा संबंधी विषय को लेकर सहमति बनी, सहमति अनुसार अर्थ मन्त्रालय के साथ कांग्रेस को चार मन्त्रालय मिलना था, लेकिन आज आकर मख्यमन्त्री सिंह सहमति कार्यान्वयन नहीं कर रहे हैं । उन्होंने यह भी चेतावनी दिया है कि अगर ऐसा ही रवैया रहा तो मुख्यमन्त्री सिंह को सत्ता से बाहर होना भी पड़ सकता है ।
इसतरह का शिकायत लेकर काठमांडू अनेवाले नेताओं ने नेपाली कांग्रेस के सभापति शेरबहादुर देउवा, एमाले महासचिव शंकर पोखरेल और लोसपा अध्यक्ष महन्थ ठाकुर से समस्याओं को लेकर बातचीत किया है ।

