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तराई-मधेश का एक इन्च भी भु-भाग दुसरे से जोड्ने नही देगें : हृदयेश त्रिपाठी

t-2विनय कुमार, कार्तिक १९ । तराई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी के उपाध्यक्ष हृदयेश त्रिपाठी ने कहा है कि कांग्रेस और एमाले दोनो ने हमे संघर्ष पर उतरने के लिए बाध्य कर दिया है ।
हिमालिनी से आज बुधवार को  बातचित करते हुए उन्होने कहा कि देश अब संघर्ष मे चला गया है ।  कांग्रेस एमाले के गैर जिम्मेवारी रबैया के कारण यह स्थिति पैदा हुई है । कांग्रेस और एमाले ने अभितक के आन्दोलन व्दारा प्रप्त उपलब्धियों को योजनावध्द तरिका से समाप्त कर दिया है जिसके कारण पुरे देश को संघर्ष मे जाना पडा है । उन्होने आगे कहा–‘कांग्रेस और एमाले ने ७ प्रदेश का संघिय संरचना प्रस्तुत करके बिगत में हुए मधेश आन्दोलन तथा दलित–जनजाती और पिछडे वर्ग के साथ हुई सम्झौते को ललकारा है जो कि हमे कदापी मन्जुर नहीं है ।’ पहचान और सामथ्र्य के आधार पर संघियता निर्माण होना चाहिये मगर कांग्रेस एमाले व्दारा लाया गया प्रस्ताव में न पहचान है और ना ही सामथ्र्य । त्रिपाठी ने कहा, ‘ये दिवाली के समय खेले जानेवाले कोडा का खेल है’, एमाले अध्यक्ष केपी ओली कभी चौका मारते हैं तो कभी तिगी मारते हैं । कौडा मारने के अभ्यास में कांग्रेस और एमाले का ये संयुक्त कौडा है, ये सौदाबाजी तमोलपा को स्विकार नहीं ।
तराई मधेश के एक इन्च भु–भाग भी दुसरे भु–भाग से जोड्ने के पक्ष में हम नहीं है उन्होने स्पष्ट किया । समग्र मधेश एक प्रदेश नहीं भी बने लेकिन तराई मधेश का भु–भाग दुसरे भु-भाग मे नहीं हो सकता–उपाध्यक्ष त्रिपाठी ने बताया । उन्होने इसको अन्तरिम संविधान १३८(क) मे राज्य पुर्नसंरचना आयोग और समिति द्वारा स्थापित किए गए मुल्यमान्यताओं के विपरित बताया । कांग्रेस एमाले का रबैया विरुद्ध संघर्ष के लिए हम अपने संगठन और कार्यकर्ताओं को तैयारी की अपिल भी त्रिपाठी ने की है ।

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