प्रधानमंत्री द्वारा त्रिवि के नीति एवं कार्यक्रमों के रोक पर पूर्व शिक्षामंत्री सुमना श्रेष्ठ ने रोष जताया
काठमांडू.

प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली द्वारा यूनिवर्सिटी की नीतियों और कार्यक्रमों को रोकने पर पूर्व शिक्षा मंत्री सुमना श्रेष्ठ ने रोष जताया है. गुरुवार को सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने कहा, क्या यह विश्वविद्यालय के कार्यकर्ता को रिझाने के लिए किया गया है या यह छात्रों और अच्छे प्रोफेसरों के लिए है?
उन्होंने लिखा है- प्रधानमंत्री, जो पदेन कुलपति , ने श्रावण 2081 के मंगलवार 15 गते को विश्वविद्यालय की नीतियों और कार्यक्रमों को रोक दिया है। यह एक दस्तावेज़ था जो समीक्षा के विभिन्न स्तरों से गुजरा था और विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की टीम द्वारा तैयार और अनुमोदित किया गया था। रद्द किया गया कार्यक्रम अखबारों में छप चुका है, इसमें गलत क्या है? क्या कुलपति को अहंकार है कि मैं विश्वविद्यालय के प्रोफेसर से बेहतर काम कर सकता हूँ?

उन्होंने कहा है कि समय-समय पर इस तरह के हस्तक्षेप से यह और भी स्पष्ट हो गया है कि किसी राजनीतिक व्यक्ति को विश्वविद्यालय का कुलपति नहीं होना चाहिए. उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई है कि प्रधानमंत्री की वाणी और व्यवहार अलग है.


